Blued App की GAY-गैंग: सुनसान जगह बुलाकर बनाते थे संबंध, फिर वीडियो बनाकर करते थे ब्लैकमेल, जानें डर्टी गेम
Kanpur Crime: गिरोह के सरगना दिलीप सिंह ने चार माह पहले गे डेटिंग एप ब्लूड पर दीपक नाम की आईडी से पंजीकरण कराया था। इसके अलावा गिरोह के सदस्या सोशल मीडिया के अन्य संसाधनों के जरिये लोगों को किसी न किसी बहाने सुनसान स्थान पर बुलाकर लूटपाट करते थे।
विस्तार
कानपुर में गे-डेटिंग एप का इस्तेमाल कर लोगों से समलैंगिक संबंध बनाने और फिर उनसे रुपये ऐंठने, लूटने वाले गिरोह के सभी सदस्य अच्छे और संभ्रांत परिवार से ताल्लुक रखते हैं। पकड़े गए आरोपी कानपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं, इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी करने आए थे, लेकिन बिगड़ैल आदतों के चलते अपराध की राह पकड़ ली। इसके बाद लोगों को अपना शिकार बनाने लगे।
यही नहीं पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्य पीड़ितों को पुलिसकर्मी बनाकर धमकी भी देते थे। एडिशनल डीसीपी ने बताया कि जालौन के कालपी के बैरी निवासी गैंग का सरगना दिलीप सिंह रेलवे में कोच अटेंडेंट है। वह एक प्रतिष्ठित कोचिंग से तैयारी भी कर रहा है। वहीं कानपुर देहात के राजपुर निवासी प्रवीण कुमार एक निजी संस्थान से पालीटेक्निक द्वितीय वर्ष का छात्र है।
गर्लफ्रेंड्स पर खर्च करते थे बेहिसाब रुपये
राजपुर निवासी बृजेंद्र सिंह एसएससी की तैयारी कर रहा है। कालपी का विपिन सिंह भी एसएससी की तैयारी कर रहा था। महोबा स्थित आल्हा चौकी निवासी अमन राजपूत एसएससी की तैयारी कर रहा है। मैनपुरी के भोगांव निवासी पवन कुमार मेडिकल से जुड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। पकड़े गए आरोपियों में अधिकतर नशे के आदी हैं। इसके अलावा महिला मित्रों पर भी बेहिसाब रुपये खर्च करते हैं।
गिरोह के चंगुल में फंसे पांच पीड़ितों ने सुनाई दास्तान
एडिशनल डीसीपी ने बताया कि गिरोह के शिकार पांच पीड़ित उनके पास पहुंचे थे। तीन से समलैंगिक संबंध बनाने और दो से जमीन और फ्लैट दिखाने के बहाने लूटपाट की गई थी। इसके बाद मारपीट करके जबरन निर्वस्त्र वीडियो बनाए गए थे। पीड़ितों की शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस सोमवार रात काकादेव और कल्याणपुर में छापा मारकर सरगना समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपी 19 से 22 वर्ष के बीच के हैं।
गिरोह के सरगना ने दीपक नाम से बनाई थी आईडी
गिरोह के सरगना दिलीप सिंह ने चार माह पहले गे डेटिंग एप ब्लूड पर दीपक नाम की आईडी से पंजीकरण कराया था। इसके अलावा गिरोह के सदस्या सोशल मीडिया के अन्य संसाधनों के जरिये लोगों को किसी न किसी बहाने सुनसान स्थान पर बुलाकर लूटपाट करते थे। इस दौरान निर्वस्त्र करके वीडियो भी बनाए जाते, जिससे पीड़ित को ब्लैकमेल किया जा सके और वह पुलिस में भी शिकायत न करें।
संभ्रांत परिवारों से ताल्लुक रखते हैं छात्र, शौक पूरे करने के लिए बनाया गिरोह
पुलिस की जांच पता चला कि पकड़े गए आरोपी कानपुर देहात के राजपुर निवासी बृजेंद्र सिंह (19), कानपुर देहात राजपुर निवासी प्रवीन सिंह (20), जालौन के कालपी गांव बैरी निवासी दिलीप उर्फ प्रद्युम्न सिंह (21), महोबा के गांधीनगर निवासी अरुण राजपूत (22), जालौन के कालपी बैरी गांव निवासी विपिन सिंह (21), मैनपुरी के भाेगांव रूई निवासी पवन कुमार (22) हैं। ये सभी अच्छे और संभ्रांत परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
आरोपियों के मोबाइल में मिले 24 आपत्तिजनक वीडियो
पुलिस ने पांचों के मोबाइल खंगाले तो पता चला कि सभी ने फर्जी नामों से गे-डेटिंग एप पर अपना प्रोफाइल बना रखा था। उनके मोबाइल फोन में पुलिस को 24 लोगों के आपत्तिजनक वीडियो भी मिले, जिन्हें वे अपना शिकार बना चुके हैं। पुलिस आरोपी छात्रों के पास से पांच एंड्रायड मोबाइल फोन, एक टैबलेट, नौ एटीएम कार्ड, यूपी पुलिस की एक यूनिफॉर्म भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार यूनिफार्म को अपने शिकार को डराने धमकाने के लिए करते थे।
बढ़ सकती है पीड़ितों की संख्या
पुलिस के अनुसार छात्र काफी समय से इस धंधे में लगे थे। शहर के सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाने की आशंका है। दो युवकों के सामने आने से गिरोह का खुलासा हो सका है। उन्होंने इस तरह से शिकार हुए लोगों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई है। हालांकि, पुलिस अधिकारी ने पीड़ितों से बिना डरे पुलिस से संपर्क करने की अपील की है।
ब्लूड समलैंगिक एप से जुड़े हैं 5.80 करोड़ लोग
समलैंगिक पुरुषों के लिए ब्लूड गे-एप डेटिंग प्लेटफॉर्म है। इस एप पर दुनियाभर के 5.80 करोड़ से अधिक समलैंगिक पुरुष जुड़े हैं। समलैंगिक पुरुष अपने ही तरह के साथियों की तलाश में इस एप का इस्तेमाल करते हैं। इसके जरिये वह पहले दोस्ती, वीडियो ऑडियो चैट और मुलाकात भी करते हैं। छात्रों ने भी इसी एप को अपने महंगे शौक पूरे करने का साधन बना लिया। खास बात यह है कि समाज में बदनामी के डर से अब तक किसी ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई।