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पुलिस की काली करतूत: दो नाबालिगों को बना दिया गैंगस्टर, शासन ने थाना प्रभारी को किया निलंबित
Tue, 11 Feb 2020 11:26 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 11 Feb 2020 11:26 PM IST
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यूपी पुलिस फाइल फोटो
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औरैया के बिधूना कोतवाली पुलिस ने लगभग छह महीने पहले तीन युवकों को संगठित गिरोह चलाने का आरोपी बनाते हुए उन पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की थी। इस पर पीड़ित पक्ष ने खुद को नाबालिग बताते हुए किशोर न्यायालय में अपील की।
कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए गैंगस्टर के तीन आरोपियों में दो को नाबालिग पाए जाने पर पुलिस पर कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी। इस पर शासन ने एसपी को जिम्मेदार पर कार्रवाई किए जाने आदेश दिए।
मंगलवार को शासन के निर्देश पर एसपी ने बिधूना थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। घटनाक्रम के अनुसार कोतवाली बिधूना व अछल्दा में दर्ज मामलों के आधार पर बिधूना थाना प्रभारी राजदेव प्रजापति ने तीन लोगों के खिलाफ 31 अगस्त 2019 को गैंगस्टर की कार्रवाई की थी।
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इस मामले में एएसपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि इस प्रकरण को पीड़ित पक्ष की तरफ से किशोर न्यायालय में चुनौती दी गई। साथ ही गैंगस्टर में दर्ज मामले के तीन आरोपियों में दो के नाबालिग होने के तथ्य प्रस्तुत किए।
न्यायालय ने मामला संज्ञान में लेते हुए इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी। इस पर विवेचक द्वारा गैंगस्टर एक्ट के तहत नामित अभियुक्तों के अवयस्क होने के तथ्य की जानकारी किए बिना गैंगचार्ट तैयार करने व जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधानों की अनदेखी करने का दोषी पाए जाने पर बिधूना थाना प्रभारी राजदेव प्रजापति को एसपी सुनीति ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
साथ ही निलंबित थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। एसपी ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर इसकी जांच कराई गई। इसमें नाबालिगों पर गलत तरीके से की गई कार्रवाई को लेकर बिधूना थाना प्रभारी को निलंबित करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए गैंगस्टर के तीन आरोपियों में दो को नाबालिग पाए जाने पर पुलिस पर कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी। इस पर शासन ने एसपी को जिम्मेदार पर कार्रवाई किए जाने आदेश दिए।
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मंगलवार को शासन के निर्देश पर एसपी ने बिधूना थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। घटनाक्रम के अनुसार कोतवाली बिधूना व अछल्दा में दर्ज मामलों के आधार पर बिधूना थाना प्रभारी राजदेव प्रजापति ने तीन लोगों के खिलाफ 31 अगस्त 2019 को गैंगस्टर की कार्रवाई की थी।
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इस मामले में एएसपी कमलेश दीक्षित ने बताया कि इस प्रकरण को पीड़ित पक्ष की तरफ से किशोर न्यायालय में चुनौती दी गई। साथ ही गैंगस्टर में दर्ज मामले के तीन आरोपियों में दो के नाबालिग होने के तथ्य प्रस्तुत किए।
न्यायालय ने मामला संज्ञान में लेते हुए इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी। इस पर विवेचक द्वारा गैंगस्टर एक्ट के तहत नामित अभियुक्तों के अवयस्क होने के तथ्य की जानकारी किए बिना गैंगचार्ट तैयार करने व जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधानों की अनदेखी करने का दोषी पाए जाने पर बिधूना थाना प्रभारी राजदेव प्रजापति को एसपी सुनीति ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
साथ ही निलंबित थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। एसपी ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर इसकी जांच कराई गई। इसमें नाबालिगों पर गलत तरीके से की गई कार्रवाई को लेकर बिधूना थाना प्रभारी को निलंबित करते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है।