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यूपी: खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा गंगा का जलस्तर, लगातार पानी बढ़ने से नदी किनारे बसे लोगों में दहशत
Tue, 20 Aug 2019 07:40 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Tue, 20 Aug 2019 07:40 PM IST
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फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद कुछ ऐसे हालात हैं
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखबाद में गंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। नरौरा बांध से लगातार पानी छोड़े जाने से 10 सेमी जलस्तर बढ़कर 136.65 मीटर पर पहुंच गया है। ये चेतावनी बिंदु से 5 सेमी ऊपर निकल गया है। वहीं नरौरा बांध से एक लाख 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर और बढ़ने की आशंका है।
रामगंगा का जलस्तर 134.20 मीटर पर स्थिर है। इसमें खो हरेली (बांध) रामनगर से 15 हजार 13 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव ऊगरपुर, बमियारी, अमीराबाद, नगरिया जवाहर, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, रामप्रसाद नगला, फुलहा, जटपुरा गांव में बाढ़ का पानी घुसने लगा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसी तरह गंगा का जलस्तर बढ़ता रहा तो घरों में पानी भर जाएगा। इससे समस्या और गंभीर हो जाएगी। वहीं गंगा के तटवर्ती गांव सुंदरपुर, तीसराम की मड़ैया, कुड़री सारंगपुर, करनपुर घाट, जटपुरा, पट्टी भरखा, पट्टी जसूपुर, सवितापुर आदि करीब 30 गांव भी बाढ़ से घिरे हैं।
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वहीं गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, मंझा की मड़ैया, सैदापुर के रास्ते पर 4 से 5 फीट पानी बहने से आवागमन ठप है। गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर व मंझा बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिरे हुए हैं। रास्तों में पांच फीट तक पानी भरा होने से इन गांवों का मुख्यालय से संपर्क भी टूट गया है। शमसाबाद क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार में बाढ़ का पानी गांव में घुसने के साथ घरों में पहुंचने लगा है। इससे ग्रामीण अपना घर खाली करने में जुट गए हैं।
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रामगंगा का जलस्तर 134.20 मीटर पर स्थिर है। इसमें खो हरेली (बांध) रामनगर से 15 हजार 13 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव ऊगरपुर, बमियारी, अमीराबाद, नगरिया जवाहर, सुंदरपुर, नगला दुर्गू, रामप्रसाद नगला, फुलहा, जटपुरा गांव में बाढ़ का पानी घुसने लगा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि इसी तरह गंगा का जलस्तर बढ़ता रहा तो घरों में पानी भर जाएगा। इससे समस्या और गंभीर हो जाएगी। वहीं गंगा के तटवर्ती गांव सुंदरपुर, तीसराम की मड़ैया, कुड़री सारंगपुर, करनपुर घाट, जटपुरा, पट्टी भरखा, पट्टी जसूपुर, सवितापुर आदि करीब 30 गांव भी बाढ़ से घिरे हैं।
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वहीं गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, मंझा की मड़ैया, सैदापुर के रास्ते पर 4 से 5 फीट पानी बहने से आवागमन ठप है। गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर व मंझा बाढ़ के पानी से पूरी तरह घिरे हुए हैं। रास्तों में पांच फीट तक पानी भरा होने से इन गांवों का मुख्यालय से संपर्क भी टूट गया है। शमसाबाद क्षेत्र के गांव समैचीपुर चितार में बाढ़ का पानी गांव में घुसने के साथ घरों में पहुंचने लगा है। इससे ग्रामीण अपना घर खाली करने में जुट गए हैं।