Kanpur: गंगा बैराज मार्ग पर 40 की जगह 80 की स्पीड से दौड़ेंगे वाहन, बिना रोड सेफ्टी ऑडिट फैसले पर उठे सवाल
Kanpur News: गंगा बैराज से ब्लू वर्ल्ड तिराहे तक करीब 12.5 किलोमीटर लंबे स्टेट हाईवे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 40 किलोमीटर प्रतिघंटा से बढ़ाकर 80 किलोमीटर प्रतिघंटा किए जाने की तैयारी है। हालांकि, मौजूदा 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति सीमा में भी इस मार्ग पर लगातार हादसे हो रहे हैं। ऐसे में बिना रोड सेफ्टी ऑडिट और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के गति सीमा बढ़ाने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं।
विस्तार
गंगा बैराज से ब्लू वर्ल्ड तिराहे तक करीब 12.5 किलोमीटर लंबे प्रादेशिक हाईवे पर अब वाहनों की रफ्तार दोगुनी होने जा रही है। वर्तमान में 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति सीमा निर्धारित होने के बावजूद इस मार्ग पर लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। इसके बावजूद बिना कोई रोड सेफ्टी ऑडिट और ट्रैफिक सर्वे कराए वाहनों की अधिकतम गति सीमा सीधे बढ़ाकर 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की जा रही है।
सड़क किनारे बसे घनी आबादी वाले गांवों, सड़क के अत्यधिक घुमावदार हिस्सों और पुराने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को देखते हुए लोक निर्माण विभाग का यह फैसला सड़क सुरक्षा के लिहाज से गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है।
आबादी वाले क्षेत्रों में बढ़ेगा खतरा, नहीं लगे चेतावनी बोर्ड
गंगा बैराज से मंधना-ब्लू वर्ल्ड जाने वाले इस हाईवे के किनारे हिंदूपुर, बनियापुरवा और गोपालपुरवा समेत आधा दर्जन से अधिक गांव बसे हुए हैं। इन गांवों के निवासियों और स्कूली बच्चों की रोजाना सड़क पर पैदल आवाजाही होती है और उन्हें रोज हाईवे पार करना पड़ता है।
ऐसे में 80 की रफ्तार से फर्राटा भरते वाहनों के बीच पैदल यात्रियों और ग्रामीणों के लिए दुर्घटना का जोखिम बेहद बढ़ जाएगा। चिंताजनक स्थिति यह है कि गति सीमा में इतनी बड़ी बढ़ोतरी करने से ठीक पहले रिहायशी और आबादी वाले इलाकों में चेतावनी संकेतक, स्पीड ब्रेकर या अन्य कोई जरूरी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं।
घुमावदार मोड़ और पुराने एक्सीडेंट जोन बने चुनौती
तकनीकी और सुरक्षा के दृष्टिकोण से सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि गति सीमा दोगुनी करने से पहले मार्ग का वैज्ञानिक अध्ययन क्यों नहीं कराया गया। बोट क्लब और हिंदूपुर गांव के पास सड़क काफी घुमावदार है। तेज रफ्तार में वाहनों के आने पर चालकों को सामने की स्थिति समझने और अचानक वाहन नियंत्रित करने में भारी परेशानी होगी।
इसके अलावा यश कोठारी चौराहे के पास पहले भी कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं, जहां विभिन्न दिशाओं से आने वाले तेज रफ्तार वाहन आपस में टकराते हैं। गति सीमा 80 किलोमीटर प्रतिघंटा होने के बाद इन ब्लैक स्पॉट्स पर हादसों की भयावहता और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
विगत महीनों में हुए भीषण हादसों से भी नहीं लिया सबक
इस मार्ग पर तेज रफ्तार के कारण बीते महीनों में कई दर्दनाक हादसे सामने आ चुके हैं। जनवरी में यश कोठारी चौक के पास लोडर की भिड़ंत में कार के एयरबैग खुलने से सवार लोगों की जान बच सकी थी। वहीं दिसंबर 2025 में तेज रफ्तार बस ने बाइक में टक्कर मार दी थी, जिससे पीछे बैठी महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी।
इसके अलावा नवंबर 2025 में अनियंत्रित लोडर की टक्कर से दंपती गंभीर रूप से घायल हुए थे, जबकि सितंबर 2025 में तेज रफ्तार कार की टक्कर से ई-रिक्शा चालक की जान चली गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं के बावजूद बिना सुरक्षा घेरा और रिफ्लेक्टर लगाए स्पीड बढ़ाना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
लोक निर्माण विभाग ने दिया तर्क
मामले में पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अखंडेश्वर प्रसाद ने बताया कि राजकीय हाईवे पर 40 की रफ्तार बेहद कम थी, जिसको लेकर वाहन चालकों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए गति सीमा को बढ़ाकर 80 किलोमीटर प्रतिघंटा करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि नई गति सीमा की जानकारी देने के लिए मार्ग पर सूचना बोर्ड लगवाए जा रहे हैं और प्रमुख लिंक रोड वाले संवेदनशील स्थानों पर रफ्तार कम रखने के निर्देश दिए जाएंगे।