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ताबूत में ‘सुहाग’ देखकर बेहोश हुई कंचन, आया होश तो CM योगी को बुलाने की जिद पर अड़ी

Wed, 19 Apr 2017 07:57 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 19 Apr 2017 07:57 PM IST
सार

-सैनिक सम्मान के साथ फौजी का अंतिम संस्कार
-तीन दिन पूर्व कारगिल में हुई थी आकस्मिक मौत
-सेना, अफसर और जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
-पैतृक गांव महुटा में अंतिम दर्शन को उमड़ा हुजूम

 

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funeral with military honors
सेनिक सम्मान देते हुए जवान, पिता की चिता को मुखाग्नि देने के लिए बैठा बेटा, पत्नी - फोटो : अमर उजाला
अपने ‘सुहाग’ को ताबूत में बंद देखकर सैनिक की पत्नी कंचन के सब्र का बांध टूट गया। वह बेहोश हो गई। उसे तत्काल डाक्टरों की टीम ने संभाला। उधर, पिता गवां बैठे तीनों मासूम बच्चे भी मां से लिपटकर बुरी तरह रो पड़े।


बड़ी बेटी 14 वर्षीय नेहा कुमारी भी मां से लिपटकर बेसुध हो गई। उनके बिलखने से माहौल बेहद गमगीन हो गया। भारी संख्या में उपस्थित लोगों की आंखे भी नम हो गई। उधर, बूढ़ी मां शिवकलिया पार्थिव शरीर से लिपट गई।  
 
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funeral with military honors
पिता की चिता को मुखाग्नि देने के लिए बैठा बेटा - फोटो : अमर उजाला
कारगिल में आकस्मिक मौत से चल बसे सैनिक रामबहोरी के पार्थिव शरीर का मंगलवार को पैतृक गांव में बेहद गमगीन माहौल में सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। तड़के ही सेना की टुकड़ी शव लेकर आई थी। सैनिक के पुत्र ने मुखाग्नि दी। सैनिकों की 15 सदस्यीय सशस्त्र टुकड़ी ने सलामी दी। ताबूत पर राष्ट्रीय ध्वज डाला गया और सैनिक अधिकारियों व स्थानीय पुलिस प्रशासन के अफसरों तथा जनप्रतिनिधियों ने फूल चढ़ाए। 

पार्थिव शरीर सेना के विशेष वाहन से सुबह करीब 7 बजे आया। दोपहर करीब डेढ़ बजे गिल्ला धर्मपुरवा में सजाई गई चिता में शव रखकर मासूम बेटे 8 वर्षीय अमन कुमार और सैनिक के भाई लखनलाल ने मुखाग्नि दी। सैनिकों ने गार्ड आफ आनर दिया। 


                             
funeral with military honors
पति की मौत के पर महिला को सांत्वना देते लोग
सड़क का नाम सैनिक रामबहोरी के नाम पर रखा जाएगा
मुख्यमंत्री के आने पर ही अंतिम संस्कार समेत कई मांगों की जिद पर अड़ी सैनिक की विधवा को सांसद भैरौं प्रसाद मिश्र ने देर तक समझा-बुझाकर और हमदर्दी जताकर मना लिया। सांसद ने भरोसा दिलाया कि पैतृक गांव महुटा से सैनिक के घर गिल्ला धर्म पुरवा तक की लगभग करीब ढाई किलोमीटर सड़क का नाम सैनिक रामबहोरी के नाम पर रखा जाएगा। साथ ही एक गेट का निर्माण होगा। यह भी आश्वासन दिया कि दिवंगत सैनिक के खेत के नजदीक अंतिम संस्कार स्थल वाली ढाई बीघा जमीन की फिनिशिंग और टीनशेड व चबूतरा ग्राम पंचायत बनाएगी। सैनिक के बच्चों को अगले सत्र में सैनिक स्कूल में प्रवेश दिलाया जाएगा। विधायक राजकरन कबीर ने हैंडपंप लगवाने का भरोसा दिलाया। सांसद और विधायक के आश्वासन पर विधवा मान गई और अंतिम संस्कार के लिए सहमति दे दी। 

फटकार पड़ी तो आए जिला सैनिक अधिकारी
बांदा जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को अंतिम संस्कार में नदारद पाकर सांसद भैरौं प्रसाद मिश्र ने फोन पर उन्हें फटकार लगाई। सैनिक कल्याण अधिकारी एलएम त्रिपाठी ने कहा कि उन्हें कोई सूचना नहीं है। इस पर सांसद और भड़क गए और कहा कि अखबार भी नहीं पढ़ते क्या? इसी के बाद आनन-फानन सैनिक कल्याण अधिकारी आ गए। 
 
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