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सिर्फ जमीन देने भर से नहीं चलते उद्योग
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
Updated Tue, 31 May 2016 01:01 AM IST
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कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु की बैठक में भाग लेते डीएम कौशलराज शर्मा।
- फोटो : amarujala
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कानपुर। औद्योगिक क्षेत्र पनकी साइट-5 में जलभराव की समस्या का समाधान बीते 20 साल से न होने और मेंटेनेंस चार्ज के नाम पर यूपीएसआईडीसी और नगर निगम दोनों ओर से शुल्क वसूल किए जाने का मुद्दा उद्योग बंधु की बैठक में प्रमुखता से उठा। उद्यमियों की समस्या और अधिकारियों के कुतर्क सुनकर डीएम भी हैरान रह गए। समस्या के समाधान का उचित निष्कर्ष निकलता न देख डीएम ने यूपीएसआईडीसी के कामकाज पर सवाल उठाए। क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) अजीत सिंह से सवाल पर सवाल दागे।
डीएम ने आरएम से कहा कि उद्योग बसाने की जिम्मेदारी आपकी है। इंडस्ट्रियल एस्टेट बसाया जा रहा था तब नक्शा बना था या नहीं? नहीं बना था तो भूखंड आवंटित क्यों किए? यदि बना था तो समस्या क्यों है? कहां नाली बनेगी, कहां सड़क, कैसे पानी निकलेगा यह जिम्मेदारी यूपीएसआईडीसी की है। ये टेक्निकल डिपार्टमेंट है और इसके लिए विभाग के पास इंजीनियर भी हैं। ये कैसा ले आउट था जिसमें मूलभूत सुविधाएं ही गायब हैं। इतने सवालों पर बैठक में सन्नाटा छा गया। क्षेत्रीय निदेशक ने स्वीकार किया कि पनकी साइट-5 का ले आउट बनाते समय जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हुई थी। इस पर डीएम ने समस्या के लिए सीधे तौर पर यूपीएसआईडीसी को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि जमीन देने भर से उद्योग नहीं चलते। 1995 में क्षेत्र बसाया गया था। 20 साल बाद भी समाधान क्यों नहीं?
\ऐसे होगा समाधान
डीएम ने कहा कि जिस विभाग ने पनकी-5 से जितना टैक्स लिया है उसे वहां के विकास के लिए खर्च करना होगा। पहले चरण में यहां पर नगर निगम और यूपीएसआईडीसी ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने का प्लान बनाएं। इसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में दें।
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..वरना 16वें दिन पैसा लौटाएं
रूमा में भूखंड डी-41 का कब्जा उद्यमी राजीव शर्मा को यूपीएसआईडीसी की ओर से न दिलवा पाने पर डीएम ने कहा कि 15 दिन में कब्जा दिलवाएं वरना 16वें दिन ब्याज समेत पैसा वापस करें। उद्योग बंधु में यह समस्या पिछले छह माह से आ रही थी। सप्ताह में तीन दिन अतिक्रमण अभियान
जरीब चौकी से विजय नगर चौराहे तक सड़क किनारे वाहनों की अवैध पार्किंग, फुटपाथ पर अतिक्रमण, गंदगी जैसी समस्याओं के लिए नगर निगम को अभियान चलाने को कहा गया। बाधा बनने पर पुलिस की मदद लेने और सप्ताह में तीन दिन सिर्फ अतिक्रमण पर काम करने के लिए डीएम ने नगर निगम को निर्देशित किया।
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डीएम ने आरएम से कहा कि उद्योग बसाने की जिम्मेदारी आपकी है। इंडस्ट्रियल एस्टेट बसाया जा रहा था तब नक्शा बना था या नहीं? नहीं बना था तो भूखंड आवंटित क्यों किए? यदि बना था तो समस्या क्यों है? कहां नाली बनेगी, कहां सड़क, कैसे पानी निकलेगा यह जिम्मेदारी यूपीएसआईडीसी की है। ये टेक्निकल डिपार्टमेंट है और इसके लिए विभाग के पास इंजीनियर भी हैं। ये कैसा ले आउट था जिसमें मूलभूत सुविधाएं ही गायब हैं। इतने सवालों पर बैठक में सन्नाटा छा गया। क्षेत्रीय निदेशक ने स्वीकार किया कि पनकी साइट-5 का ले आउट बनाते समय जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हुई थी। इस पर डीएम ने समस्या के लिए सीधे तौर पर यूपीएसआईडीसी को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि जमीन देने भर से उद्योग नहीं चलते। 1995 में क्षेत्र बसाया गया था। 20 साल बाद भी समाधान क्यों नहीं?
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\ऐसे होगा समाधान
डीएम ने कहा कि जिस विभाग ने पनकी-5 से जितना टैक्स लिया है उसे वहां के विकास के लिए खर्च करना होगा। पहले चरण में यहां पर नगर निगम और यूपीएसआईडीसी ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने का प्लान बनाएं। इसकी रिपोर्ट एक सप्ताह में दें।
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..वरना 16वें दिन पैसा लौटाएं
रूमा में भूखंड डी-41 का कब्जा उद्यमी राजीव शर्मा को यूपीएसआईडीसी की ओर से न दिलवा पाने पर डीएम ने कहा कि 15 दिन में कब्जा दिलवाएं वरना 16वें दिन ब्याज समेत पैसा वापस करें। उद्योग बंधु में यह समस्या पिछले छह माह से आ रही थी। सप्ताह में तीन दिन अतिक्रमण अभियान
जरीब चौकी से विजय नगर चौराहे तक सड़क किनारे वाहनों की अवैध पार्किंग, फुटपाथ पर अतिक्रमण, गंदगी जैसी समस्याओं के लिए नगर निगम को अभियान चलाने को कहा गया। बाधा बनने पर पुलिस की मदद लेने और सप्ताह में तीन दिन सिर्फ अतिक्रमण पर काम करने के लिए डीएम ने नगर निगम को निर्देशित किया।