यहां पुलिस ने पेश की 'दरियादिली की मिसाल', हर कोई कर रहा शिवाकांत की तारीफें
- रेलवे स्टेशन पर लोको पायलट की सूचना पर यात्री को उतारा था
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अक्सर पुलिस का अमानवीय चेहरा समाज में सुर्खियां बनता है। वहीं कुछ ऐसे भी वर्दीधारी हैं जो किसी की मदद को सबकुछ न्योछावर कर देते हैं। यूपी के उन्नाव जिले में एक आरपीएफ सिपाही ने दरियादिली की मिसाल पेश की है।
यहां रेलवे स्टेशन पर स्ट्रेचर न होने से एक बीमार यात्री की मदद को लोग हिचक रहे थे। वहीं आरपीएफ सिपाही ने बीमार यात्री को कंधे पर उठाकर एंबुलेंस तक पहुंचाने में जरा सी भी देरी नहीं की। जिससे सिपाही कुछ ही पलों में आम से खास हो गया।
बलरामपुर जिले के थाना महराजगंज नारायणपुर निवासी राहुल कुमार मंगलवार पुणे शहर से वापस डाउन राप्तीसागर एक्सप्रेस से बस्ती जा रहे थे। ट्रेन के जनरल कोच में सवार राहुल की मगरवारा स्टेशन के पास अचानक तबीयत बिगड़ गई।
शाम करीब पौने तीन बजे रेलवे स्टेशन पहुंचने तक हालत काफी गंभीर हो गई। ट्रेन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर रुकते ही यात्रियों की सूचना पर लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर को जानकारी दी। इस बीच प्लेटफार्म पर यात्रियों का जमावड़ा लग गया।
लोगों ने स्टेशन मास्टर से स्ट्रेचर की मांग की तो बताया गया कि स्ट्रेचर नहीं है। इस बीच भीड़ देख आरपीएफ एसआई हरिप्रसाद सिंह व सिपाही शिवाकांत मौके पर पहुंचे। करीब दस मिनट तक बीमार यात्री को कोई भी प्लेटफार्म नंबर पांच से एक पर पहुंचाने को आगे नहीं आया। वहीं राहुल दर्द से कराहे जा रहा था।
सिपाही शिवाकांत ने भीड़ के बीच यात्री को कंधे पर उठाकर ओवरब्रिज होते हुए प्लेटफार्म नंबर एक पर लेकर पहुंचे। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सिपाही के सेवाभाव को सराहते लोग थक नहीं रहे थे। आरपीएफ इंस्पेक्टर श्रीनिवास मिश्रा ने जिला अस्पताल पहुंचकर बीमार यात्री का हाल जाना। साथ ही परिजनों से बातकर मामले की जानकारी दी। आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि डाक्टरों के अनुसार राहुल की हालत में सुधार है। बताया कि देर रात तक उसके परिजन अस्पताल पहुंच जाएंगे।