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कानपुर देहात के सरकारी अस्पताल पहुंचे बुखार पीड़ित चार सौ मरीज, कोविड प्रोटोकाल की अनदेखी
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झींझक सीएचसी में डॉक्टर कक्ष के बाहर खड़े मरीज। (संवाद)
- फोटो : AKBARPUR
कानपुर देहात। जिले मेें डेंगू व बुखार पीडितों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार को ओपीडी खुलते ही अस्पतालों मेें मरीजों की भीड़ उमड़ी और कतार लगी रही। जिला अस्पताल समेत सीएचसी व पीएचसी में बुखार से पीड़ित करीब चार सौ मरीज पहुंचे। वहीं संक्रामक रोग के नोडल अधिकारी व डिप्टी सीएमओ खुद वायरल फीवर की चपेट में आ गए। जिले में डेंगू व बुखार से अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है।
बारिश के बाद जगह-जगह हुए जलभराव व गंदगी के चलते मच्छरजनित व संक्रामक रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं डेंगू व बुखार मरीजों का इलाज करते-करते जिला संक्रामक रोग प्रभारी डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी वर्मा खुद वायरल फीवर की चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण बीमारी की चपेट में आए हैं।
वहीं रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी खुलते ही बड़ी संख्या मेें मरीज पहुंच गए। पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी व दवा काउंटर पर लंबी-लंबी लाइन लगी रही। इस दौरान कोविड नियमों का पालन होता भी नहीं दिखाई दिया। लोग बिना मास्क के सामाजिक दूरी की अनदेखी कर पास-पास खड़े रहे।
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मरीजों की सबसे अधिक भीड़ फिजीशियन व बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रही। दोपहर दो बजे तक जिला अस्पताल की ओपीडी मेें 910 मरीज पहुंचे। इनमें से बुखार के करीब तीन सौ मरीज रहे। इसी तरह सिकंदरा सीएचसी में भीड़ रही।
दवा वितरण खिड़की में लोग कोविड नियमों को अनदेखी करते नजर आए। डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि ओपीडी मेें 226 मरीज आए। इनमे 12 बुखार पीड़ित मरीजों के खून का सैंपल लेकर दवा दी गई।
वहीं रसूलाबाद सीएचसी में 35, झींझक 34, डेरापुर 6 सहित अन्य सरकारी अस्पतालों मेें एक सैकड़ा से अधिक बुखार पीड़ित मरीज पहुंचे। जिनका परीक्षण कर दवा दी गई।
लोगों को कूलर व अन्य बर्तनों में पानी भरा न रहने देने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बुखार पीड़ितों के बारे में जानकारी पर संबंधित गांवों में स्वास्थ्य टीम भेजकर कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ
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बारिश के बाद जगह-जगह हुए जलभराव व गंदगी के चलते मच्छरजनित व संक्रामक रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं डेंगू व बुखार मरीजों का इलाज करते-करते जिला संक्रामक रोग प्रभारी डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी वर्मा खुद वायरल फीवर की चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण बीमारी की चपेट में आए हैं।
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वहीं रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी खुलते ही बड़ी संख्या मेें मरीज पहुंच गए। पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी व दवा काउंटर पर लंबी-लंबी लाइन लगी रही। इस दौरान कोविड नियमों का पालन होता भी नहीं दिखाई दिया। लोग बिना मास्क के सामाजिक दूरी की अनदेखी कर पास-पास खड़े रहे।
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मरीजों की सबसे अधिक भीड़ फिजीशियन व बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रही। दोपहर दो बजे तक जिला अस्पताल की ओपीडी मेें 910 मरीज पहुंचे। इनमें से बुखार के करीब तीन सौ मरीज रहे। इसी तरह सिकंदरा सीएचसी में भीड़ रही।
दवा वितरण खिड़की में लोग कोविड नियमों को अनदेखी करते नजर आए। डॉ. दीपक गुप्ता ने बताया कि ओपीडी मेें 226 मरीज आए। इनमे 12 बुखार पीड़ित मरीजों के खून का सैंपल लेकर दवा दी गई।
वहीं रसूलाबाद सीएचसी में 35, झींझक 34, डेरापुर 6 सहित अन्य सरकारी अस्पतालों मेें एक सैकड़ा से अधिक बुखार पीड़ित मरीज पहुंचे। जिनका परीक्षण कर दवा दी गई।
लोगों को कूलर व अन्य बर्तनों में पानी भरा न रहने देने के प्रति जागरूक किया जा रहा है। बुखार पीड़ितों के बारे में जानकारी पर संबंधित गांवों में स्वास्थ्य टीम भेजकर कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है। - डॉ. एके सिंह, सीएमओ

जिला अस्पताल के जनरल वार्ड में बिना मास्क के मौजूद तीमारदार। (संवाद)- फोटो : AKBARPUR