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हेल्दी हार्ट का फॉर्मूला-80: साल में इतनी बार पत्नी को करें प्यार, दिल रहेगा चंगा और नहीं होगी कलह
Sun, 01 Dec 2024 01:22 PM IST
शिखा पांडेय
रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
रजा शास्त्री, अमर उजाला, कानपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 01 Dec 2024 01:22 PM IST
सार
हृदय रोग विशेषज्ञों ने 80 का फार्मूला तैयार किया। इससे धमनियों और रक्तवाहिनियों में ब्लॉकेज के संकेत मिल जाते हैं।
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हेल्दी हार्ट का फॉर्मूला-80
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अगर कोई व्यक्ति पत्नी को साल में कम से कम 80 बार प्यार करता है तो यह उसके हृदय की सेहत की दलील है। साथ ही हृदय रोग से भी उसका बचाव होगा। देश के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञों ने 80 का यह फार्मूला तैयार किया है। इससे हृदय रोग होने या न होने के संकेत मिलते हैं और पता चल जाता है कि हार्मोन सामान्य हैं और धमनियों में ब्लॉकेज नहीं हैं।
कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित केडीएकॉन-2024 में गांधी मेडिकल कॉलेज के पूर्व हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पीसी मनोरिया से 80 के फार्मूले पर अमर उजाला की बात हुई। उन्होंने कहा कि 80 के इस फार्मूले से पारिवारिक कलह में भी कमी आती है। तनाव भी कम होता है। शोधों से पता चला है कि तनाव हृदय रोग का एक बड़ा कारण है।
उन्होंने बताया कि इस फार्मूले का एक खास बिंदु कमर भी है। व्यक्ति की कमर का साइज 80 सेमी से अधिक नहीं होना चाहिए। इससे अधिक होने पर पेट और कमर के चारों तरफ जमा वसा से ऐसे हार्मोन निकलते हैं जो शरीर की धमनियों, नसों और विभिन्न अंगों में सूजन पैदा करते हैं। इससे थक्का जमने का खतरा बढ़ जाता है। इनमें से एक हार्मोन साइटोकाइंस हैं। इसके अलावा आईएल-6, टीएनएफ अल्फा आदि हार्मोन निकलते हैं। उन्होंने कहा कि 80 के फार्मूले पर अमल करने से माना गया है कि व्यक्ति की उम्र कम से कम 80 होगी।
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कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित केडीएकॉन-2024 में गांधी मेडिकल कॉलेज के पूर्व हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पीसी मनोरिया से 80 के फार्मूले पर अमर उजाला की बात हुई। उन्होंने कहा कि 80 के इस फार्मूले से पारिवारिक कलह में भी कमी आती है। तनाव भी कम होता है। शोधों से पता चला है कि तनाव हृदय रोग का एक बड़ा कारण है।
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उन्होंने बताया कि इस फार्मूले का एक खास बिंदु कमर भी है। व्यक्ति की कमर का साइज 80 सेमी से अधिक नहीं होना चाहिए। इससे अधिक होने पर पेट और कमर के चारों तरफ जमा वसा से ऐसे हार्मोन निकलते हैं जो शरीर की धमनियों, नसों और विभिन्न अंगों में सूजन पैदा करते हैं। इससे थक्का जमने का खतरा बढ़ जाता है। इनमें से एक हार्मोन साइटोकाइंस हैं। इसके अलावा आईएल-6, टीएनएफ अल्फा आदि हार्मोन निकलते हैं। उन्होंने कहा कि 80 के फार्मूले पर अमल करने से माना गया है कि व्यक्ति की उम्र कम से कम 80 होगी।
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80 के फार्मूले में हृदय रोग से बचाव के ये बिंदु भी
डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर 80 और खराब कोलेस्ट्राल 80 मिग्रा होना चाहिए।
दिल की सेहत के लिए तीन दिन में कम से कम 80 मिनट चलना चाहिए।
अगर कोई शराब का लती है तो उसे तीन दिन में 80 मिली से अधिक शराब नहीं पीना चाहिए।
अगर कोई सिगरेट पी रहा है तो उससे 80 मीटर दूर रहना चाहिए, नहीं तो व्यक्ति पैसिव स्मोकिंग करने लगेगा और नुकसान होगा।
डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर 80 और खराब कोलेस्ट्राल 80 मिग्रा होना चाहिए।
दिल की सेहत के लिए तीन दिन में कम से कम 80 मिनट चलना चाहिए।
अगर कोई शराब का लती है तो उसे तीन दिन में 80 मिली से अधिक शराब नहीं पीना चाहिए।
अगर कोई सिगरेट पी रहा है तो उससे 80 मीटर दूर रहना चाहिए, नहीं तो व्यक्ति पैसिव स्मोकिंग करने लगेगा और नुकसान होगा।
अब कोरोना के असर से नहीं पड़ रहा हार्ट अटैक
डॉ. मनोरिया ने बताया कि अब कोरोना के असर से हार्ट अटैक नहीं पड़ रहा है। इस वक्त हार्ट अटैक के जो मामले आ रहे हैं, उनका मुख्य कारण बिगड़ी लाइफ स्टाइल, धूम्रपान की लत और खानपान है। इससे 25 से 30 साल की उम्र के लोगों में ब्लड प्रेशर बढ़ रहा है। साथ ही यह भी जान लेना चाहिए कि सिर्फ डायबिटीज नियंत्रित कर लेने से हार्ट अटैक से बचाव नहीं होगा। इसके लिए बीपी, कोलेस्ट्राल आदि की नियमित जांच कराते रहें।
डॉ. मनोरिया ने बताया कि अब कोरोना के असर से हार्ट अटैक नहीं पड़ रहा है। इस वक्त हार्ट अटैक के जो मामले आ रहे हैं, उनका मुख्य कारण बिगड़ी लाइफ स्टाइल, धूम्रपान की लत और खानपान है। इससे 25 से 30 साल की उम्र के लोगों में ब्लड प्रेशर बढ़ रहा है। साथ ही यह भी जान लेना चाहिए कि सिर्फ डायबिटीज नियंत्रित कर लेने से हार्ट अटैक से बचाव नहीं होगा। इसके लिए बीपी, कोलेस्ट्राल आदि की नियमित जांच कराते रहें।