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Kanpur News: मेडिकल कॉलेज में खामियों जांचने के लिए पूर्व सांसद ने डिप्टी सीएम को लिखा पत्र
Fri, 09 Oct 2026 01:10 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
Updated Fri, 09 Oct 2026 01:10 AM IST
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कानपुर देहात। राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी का गार्ड से बुधवार सुबह मेडिकल कॉलेज में विवाद हो गया था। इस मामले में उन्होंने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और स्टाफ पर मनमानी का आरोप लगाया था। इसी को लेकर उन्होंने डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक को नौ बिंदुओं पर पत्र लिखा है, जिसमें निरीक्षण, जांच कराए जाने की मांग की है।
पूर्व सांसद ने पत्र में कहा कि वह भगवान श्री परशुराम वैदिक संस्कृत गुरुकुल के छह बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। आम नागरिक की तरह लाइन में लगकर पर्चा बनवाने के दौरान उन्हें काफी देर इंतजार करना पड़ा। इसी दौरान सुरक्षा गार्ड से धक्का दे दिया। उन्होंने गार्ड पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। मामले की जानकारी पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। पूर्व सांसद ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को भेजे गए पत्र में मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों और कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति की जांच के लिए अचानक निरीक्षण कराने की मांग की है।
उन्होंने बायोमीट्रिक, वाईफाई अथवा इलेक्ट्रॉनिक उपस्थिति का रिकॉर्ड सुरक्षित कराने और पूर्व के महीनों की उपस्थिति व वेतन आहरण का मिलान कराने, चिकित्सकों के ड्यूटी रोस्टर, ओपीडी रजिस्टर, मरीजों की संख्या और चिकित्सकों की वास्तविक उपस्थिति का मिलान कराने की मांग की है। पत्र में अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक, खरीद और वितरण का ऑडिट कराने की मांग की है। साथ ही पर्ची-टोकन व ओपीडी व्यवस्था जांचने तथा महिला और सामान्य मरीजों की कतार व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
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वहीं, गार्ड के दुर्व्यवहार और धक्का देने की घटना की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। निजी प्रैक्टिस या ड्यूटी से अनधिकृत अनुपस्थिति जैसी अनियमितता मिलने पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग की। पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को पत्र लिखा है। जिसमें मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था परखने के लिए निरीक्षण कर हकीकत जांचने का अनुरोध किया गया है। साथ ही यह भी मांग की गई कि यदि खामियां मिले तो कार्रवाई कर मुझे भी अवगत कराएं।
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पूर्व सांसद ने पत्र में कहा कि वह भगवान श्री परशुराम वैदिक संस्कृत गुरुकुल के छह बच्चों को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे थे। आम नागरिक की तरह लाइन में लगकर पर्चा बनवाने के दौरान उन्हें काफी देर इंतजार करना पड़ा। इसी दौरान सुरक्षा गार्ड से धक्का दे दिया। उन्होंने गार्ड पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया। मामले की जानकारी पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और पुलिस भी मौके पर पहुंची थी। पूर्व सांसद ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को भेजे गए पत्र में मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों और कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति की जांच के लिए अचानक निरीक्षण कराने की मांग की है।
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उन्होंने बायोमीट्रिक, वाईफाई अथवा इलेक्ट्रॉनिक उपस्थिति का रिकॉर्ड सुरक्षित कराने और पूर्व के महीनों की उपस्थिति व वेतन आहरण का मिलान कराने, चिकित्सकों के ड्यूटी रोस्टर, ओपीडी रजिस्टर, मरीजों की संख्या और चिकित्सकों की वास्तविक उपस्थिति का मिलान कराने की मांग की है। पत्र में अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक, खरीद और वितरण का ऑडिट कराने की मांग की है। साथ ही पर्ची-टोकन व ओपीडी व्यवस्था जांचने तथा महिला और सामान्य मरीजों की कतार व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
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वहीं, गार्ड के दुर्व्यवहार और धक्का देने की घटना की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। निजी प्रैक्टिस या ड्यूटी से अनधिकृत अनुपस्थिति जैसी अनियमितता मिलने पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग की। पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को पत्र लिखा है। जिसमें मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था परखने के लिए निरीक्षण कर हकीकत जांचने का अनुरोध किया गया है। साथ ही यह भी मांग की गई कि यदि खामियां मिले तो कार्रवाई कर मुझे भी अवगत कराएं।