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सीएसए के प्रोफेसर पर पूर्व महिला गेस्ट लेक्चरर ने लगाए थे छेड़छाड़ के आरोप, अब हुआ ये खुलासा
Sat, 26 Oct 2019 09:45 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 26 Oct 2019 09:45 PM IST
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सीएसए विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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कानपुर में सीएसए (चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) के प्रोफेसर मुनीष कुमार पर लगे छेड़छाड़ के आरोप पुलिस की जांच में झूठे मिले। ऐसे में पुलिस ने मुकदमा खारिज कर दिया।
विश्वविद्यालय के एग्रो विभाग के प्रोफेसर मुनीष कुमार पर एक पूर्व महिला गेस्ट लेक्चरर ने छेड़छाड़ का प्रयास करने के साथ कई अन्य आरोप लगाए थे।
मामले में एडीजी के आदेश पर नवाबगंज पुलिस ने मुनीष पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीओ स्वरूपनगर अजीत सिंह चौहान ने बताया कि मामले में विवि की आंतरिक कमेटी ने जांच की थी। ये जांच राज्यपाल के आदेश पर हुई थी।
इसमें भी आरोपों के कोई साक्ष्य नहीं मिले थे। जांच रिपोर्ट भी राज्यपाल को भेजी गई थी। पुलिस ने इस जांच रिपोर्ट को आधार बनाया। सीओ के मुताबिक जो भी आरोप लगे थे, उसके कोई साक्ष्य नहीं मिले। नवाबगंज इंस्पेक्टर दिलीप कुमार बिंद ने बताया कि जांच में मुकदमा खारिज कर दिया गया है। झूठा मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस अब वादी पर कार्रवाई करने की तैयारी में है। इसके लिए पुलिस कोर्ट में जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
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विश्वविद्यालय के एग्रो विभाग के प्रोफेसर मुनीष कुमार पर एक पूर्व महिला गेस्ट लेक्चरर ने छेड़छाड़ का प्रयास करने के साथ कई अन्य आरोप लगाए थे।
मामले में एडीजी के आदेश पर नवाबगंज पुलिस ने मुनीष पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीओ स्वरूपनगर अजीत सिंह चौहान ने बताया कि मामले में विवि की आंतरिक कमेटी ने जांच की थी। ये जांच राज्यपाल के आदेश पर हुई थी।
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इसमें भी आरोपों के कोई साक्ष्य नहीं मिले थे। जांच रिपोर्ट भी राज्यपाल को भेजी गई थी। पुलिस ने इस जांच रिपोर्ट को आधार बनाया। सीओ के मुताबिक जो भी आरोप लगे थे, उसके कोई साक्ष्य नहीं मिले। नवाबगंज इंस्पेक्टर दिलीप कुमार बिंद ने बताया कि जांच में मुकदमा खारिज कर दिया गया है। झूठा मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस अब वादी पर कार्रवाई करने की तैयारी में है। इसके लिए पुलिस कोर्ट में जांच रिपोर्ट सौंपेगी।
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