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कारोबार पर कोहरे का कहर
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
Updated Tue, 30 Dec 2014 02:21 AM IST
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कारोबार पर कोहरे की मार पड़ना शुरू हो गई है। कानपुर के आसपास क्षेत्रों के व्यापारी बाजारों में बहुत कम संख्या में आ रहे हैं। दुकानदार भी अपनी दुकानों को देरी से खोलकर जल्दी बंद कर रहे हैं।
यूपी मोटर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के संरक्षक रवि गुप्ता के मुताबिक कोहरे की सबसे ज्यादा मार ट्रांसपोर्ट कारोबार पर पड़ी है। वर्तमान में लगभग रोजाना 1000-1200 गाड़ियां ही ट्रांसपोर्ट नगर में आ रही हैं जबकि सामान्य दिनों में रोजाना लगभग 3200-3500 गाड़ियों का आवागमन होता है।
लगभग 15-20 हजार गाड़ियां कानपुर के बाहरी क्षेत्र से निकलते हुए जाती हैं। गाड़ियों के कम आवागमन से कारोबार घटकर लगभग 2.5-3 करोड़ रुपये ही बचा है जबकि सामान्य दिनों में लगभग छह करोड़ रुपये का कारोबार होता था।
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इससे कारोबारियों को लगभग तीन करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। गौरतलब है कि कानपुर में लगभग 2500-3000 ट्रांसपोर्टर हैं और लगभग 22-25 हजार गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं।
किराना कारोबार को लगी सर्दी
किराना मर्चेंट एसो. के पूर्व महामंत्री अवधेश बाजपेई के मुताबिक लगातार बढ़ते कोहरे और सर्दी की वजह से किराना कारोबार 90 फीसदी तक घट गया है। कानपुर और आसपास क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का बाजार में आवागमन बहुत कम हो गया है।
100-125 करोड़ रुपये का प्रतिदिन होने वाला कारोबार घटकर बमुश्किल 10 करोड़ तक ही बचा है।
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यूपी मोटर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के संरक्षक रवि गुप्ता के मुताबिक कोहरे की सबसे ज्यादा मार ट्रांसपोर्ट कारोबार पर पड़ी है। वर्तमान में लगभग रोजाना 1000-1200 गाड़ियां ही ट्रांसपोर्ट नगर में आ रही हैं जबकि सामान्य दिनों में रोजाना लगभग 3200-3500 गाड़ियों का आवागमन होता है।
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लगभग 15-20 हजार गाड़ियां कानपुर के बाहरी क्षेत्र से निकलते हुए जाती हैं। गाड़ियों के कम आवागमन से कारोबार घटकर लगभग 2.5-3 करोड़ रुपये ही बचा है जबकि सामान्य दिनों में लगभग छह करोड़ रुपये का कारोबार होता था।
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इससे कारोबारियों को लगभग तीन करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। गौरतलब है कि कानपुर में लगभग 2500-3000 ट्रांसपोर्टर हैं और लगभग 22-25 हजार गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं।
किराना कारोबार को लगी सर्दी
किराना मर्चेंट एसो. के पूर्व महामंत्री अवधेश बाजपेई के मुताबिक लगातार बढ़ते कोहरे और सर्दी की वजह से किराना कारोबार 90 फीसदी तक घट गया है। कानपुर और आसपास क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का बाजार में आवागमन बहुत कम हो गया है।
100-125 करोड़ रुपये का प्रतिदिन होने वाला कारोबार घटकर बमुश्किल 10 करोड़ तक ही बचा है।