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अमर उजाला संवाद: हर थाने में पांच महिला एसपीओ, एंटी वुमेन क्राइम सेल भी, पुलिस कमिश्नर ने की घोषणा
Sun, 25 Jul 2021 03:07 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 25 Jul 2021 03:07 PM IST
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पुलिस कमिश्नर असीम अरुण
- फोटो : amar ujala
पुलिस कमिश्नरी में महिला अपराध पर अंकुश लगाने के लिए हर थाने में पांच-पांच महिला एसपीओ (स्पेशल पुलिस ऑफिसर) बनाई जाएंगी। ये पुलिस से समन्वय स्थापित कर इलाके में महिला अपराध व अपराधियों पर शिकंजा कसने में मदद करेंगी। साथ ही हर थाने में एक-एक एंटी वुमेन क्राइम सेल का गठन होगा। प्रत्येक सेल में एक-एक महिला दरोगा की तैनाती की जाएगी।
सेल में बाकी महिला सिपाही पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने शनिवार को अमर उजाला संवाद के दौरान इन दोनों योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शहर में महिला संबंधी अपराधों को लेकर पुलिस संवेदनशील है। इसके लिए डीसीपी एंटी वुमेन क्राइम रवीना त्यागी की भी तैनाती की गई है, जो ऐसे अपराधों में कार्रवाई से लेकर केसों की समीक्षा भी करती हैं।
इसी कड़ी में अब प्रत्येक थाना क्षेत्र की पांच-पांच महिलाओं को एसपीओ बनाया जाएगा। उनकी जिम्मेदारी होगी कि किसी थानाक्षेत्र में अगर कहीं कोई महिला हिंसा, छेड़छाड़ या दुष्कर्म या अन्य कोई महिला संबंधी अपराध होता है और उनके संज्ञान में आता है तो वह पुलिस से संपर्क कर पीड़िता की हर संभव मदद कराएंगी। एक तरह से महिला एसपीओ पुलिस और पीड़िताओं के बीच एक सेतु का काम करेंगी।
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सेल में बाकी महिला सिपाही पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने शनिवार को अमर उजाला संवाद के दौरान इन दोनों योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शहर में महिला संबंधी अपराधों को लेकर पुलिस संवेदनशील है। इसके लिए डीसीपी एंटी वुमेन क्राइम रवीना त्यागी की भी तैनाती की गई है, जो ऐसे अपराधों में कार्रवाई से लेकर केसों की समीक्षा भी करती हैं।
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इसी कड़ी में अब प्रत्येक थाना क्षेत्र की पांच-पांच महिलाओं को एसपीओ बनाया जाएगा। उनकी जिम्मेदारी होगी कि किसी थानाक्षेत्र में अगर कहीं कोई महिला हिंसा, छेड़छाड़ या दुष्कर्म या अन्य कोई महिला संबंधी अपराध होता है और उनके संज्ञान में आता है तो वह पुलिस से संपर्क कर पीड़िता की हर संभव मदद कराएंगी। एक तरह से महिला एसपीओ पुलिस और पीड़िताओं के बीच एक सेतु का काम करेंगी।
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ताकि चुप्पी तोड़ें, खुलकर बोलें
कई मामलों ऐसा होता है कि पीड़िताएं छेड़खानी या अन्य ऐसी घटनाओं को छिपाती हैं। उनको डर होता है कि उनकी पहचान उजागर न हो जाए। ऐसी स्थितियों में आरोपियों का मनोबल बढ़ता है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जो पीड़िताएं इस तरह की घटनाओं की शिकार होंगी तो एसपीओ उनसे संपर्क करेंगी। उनकी काउंसिलिंग करेंगी, जिससे वो कार्रवाई के लिए राजी हों। पुलिस आगे सक्रियता से कार्रवाई करेगी। कुल मिलाकर इसका मकसद है कि महिलाएं, युवतियां, छात्राएं, चुप्पी तोड़ें और खुलकर बोलें। इससे महिला अपराध पर लगाम लगेगी।
शोहदों पर लगाम कसना होगा आसानी
महिला एसपीओ अपने स्तर से क्षेत्रों से पता करेंगी कि कहां-कहां पर शोहदों का जमावड़ा लगता है। स्कूल कोचिंग आदि जगहों पर नजर रखेंगी। जो सूचनाएं एकत्र होंगी, उनको पुलिस अफसरों से साझा करेंगी। जल्द ही महिला एसपीओ की कवायद शुरू की जाएगी। एसपीओ बनने के लिए आवेदन करना होगा। कुछ तय नियम व शर्तें भी रखी जाएंगी। उसी आधार पर एसपीओ बनाया जाएगा।
ऐसे काम करेगी एंटी वुमेन क्राइम सेल
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि वर्तमान में हर थाने में महिला हेल्प डेस्क है, जहां पर एक-एक महिला सिपाही की तैनाती है। अब इसका विस्तार किया जाएगा। इसको एंटी वुमेन क्राइम सेल के नाम से जाना जाएगा। हर थाने के इस सेल में एक महिला दरोगा की तैनाती की जाएगी। जब कोई महिला अपराध संबंधी शिकायत थाने पहुंचेगी तो उसकी सुनवाई इसी सेल में होगी। बाद में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कई मामलों ऐसा होता है कि पीड़िताएं छेड़खानी या अन्य ऐसी घटनाओं को छिपाती हैं। उनको डर होता है कि उनकी पहचान उजागर न हो जाए। ऐसी स्थितियों में आरोपियों का मनोबल बढ़ता है। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जो पीड़िताएं इस तरह की घटनाओं की शिकार होंगी तो एसपीओ उनसे संपर्क करेंगी। उनकी काउंसिलिंग करेंगी, जिससे वो कार्रवाई के लिए राजी हों। पुलिस आगे सक्रियता से कार्रवाई करेगी। कुल मिलाकर इसका मकसद है कि महिलाएं, युवतियां, छात्राएं, चुप्पी तोड़ें और खुलकर बोलें। इससे महिला अपराध पर लगाम लगेगी।
शोहदों पर लगाम कसना होगा आसानी
महिला एसपीओ अपने स्तर से क्षेत्रों से पता करेंगी कि कहां-कहां पर शोहदों का जमावड़ा लगता है। स्कूल कोचिंग आदि जगहों पर नजर रखेंगी। जो सूचनाएं एकत्र होंगी, उनको पुलिस अफसरों से साझा करेंगी। जल्द ही महिला एसपीओ की कवायद शुरू की जाएगी। एसपीओ बनने के लिए आवेदन करना होगा। कुछ तय नियम व शर्तें भी रखी जाएंगी। उसी आधार पर एसपीओ बनाया जाएगा।
ऐसे काम करेगी एंटी वुमेन क्राइम सेल
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि वर्तमान में हर थाने में महिला हेल्प डेस्क है, जहां पर एक-एक महिला सिपाही की तैनाती है। अब इसका विस्तार किया जाएगा। इसको एंटी वुमेन क्राइम सेल के नाम से जाना जाएगा। हर थाने के इस सेल में एक महिला दरोगा की तैनाती की जाएगी। जब कोई महिला अपराध संबंधी शिकायत थाने पहुंचेगी तो उसकी सुनवाई इसी सेल में होगी। बाद में एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।