{"_id":"57f662b64f1c1b465926fd5d","slug":"five-million-reward-on-babuli-head","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच लाख का ईनामी ताज बंधने के बाद डाकू बबुली सब पर भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच लाख का ईनामी ताज बंधने के बाद डाकू बबुली सब पर भारी
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 06 Oct 2016 11:38 PM IST
विज्ञापन
पांच लाख का ईनामी डाकू बबुली कोल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाठा के बीहड़ों में इन दिनों बबुली कोल गिरोह फायर और मैन पावर में सबसे ऊपर है। डाकू बबुली कोल इस मामले में गुरु बलखड़िया के नक्शे कदम पर चल पड़ा है। गुरु के बराबर आने में चेले के सामने मात्र ‘दो कदम’ यानी दो लाख रुपए का फासला भर है।
दस्यु बबुली कोल मूल रूप से डोंड़ामाफी (मानिकपुर) का रहने वाला है। पाठा के बीहड़ों में लगभग ढाई साल से सक्रिय है। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बलखड़िया गैंग के साथ आपराधिक जीवन शुरू करने वाले बबुली कोल की शोहरत खतरनाक डकैतों मेें है। वह बलखड़िया का दाहिना हाथ रहा है। बलखड़िया के मारे जाने के बाद गैंग के सदस्यों ने उसे लीडर मान लिया था। बलखड़िया पर यूपी और एमपी की ओर से साढ़े सात लाख रुपए का ईनाम था।
पहले बबुली कोल पर यूपी पुलिस ने दो लाख रुपए और एमपी ने 50 हजार का ईनाम घोषित किया था। अब यूपी सरकार ने अपनी ईनामी रकम बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर दी है, यानी बबुली के सिर पर साढ़े पांच लाख रुपए का ईनामी ताज बंध गया है। ईनाम की इस ‘ताजपोशी’ के साथ बबुली अपने गुरु बलखड़िया के करीब पहुंच रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दस्यु बबुली कोल मूल रूप से डोंड़ामाफी (मानिकपुर) का रहने वाला है। पाठा के बीहड़ों में लगभग ढाई साल से सक्रिय है। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बलखड़िया गैंग के साथ आपराधिक जीवन शुरू करने वाले बबुली कोल की शोहरत खतरनाक डकैतों मेें है। वह बलखड़िया का दाहिना हाथ रहा है। बलखड़िया के मारे जाने के बाद गैंग के सदस्यों ने उसे लीडर मान लिया था। बलखड़िया पर यूपी और एमपी की ओर से साढ़े सात लाख रुपए का ईनाम था।
विज्ञापन
पहले बबुली कोल पर यूपी पुलिस ने दो लाख रुपए और एमपी ने 50 हजार का ईनाम घोषित किया था। अब यूपी सरकार ने अपनी ईनामी रकम बढ़ाकर पांच लाख रुपए कर दी है, यानी बबुली के सिर पर साढ़े पांच लाख रुपए का ईनामी ताज बंध गया है। ईनाम की इस ‘ताजपोशी’ के साथ बबुली अपने गुरु बलखड़िया के करीब पहुंच रहा है।
विज्ञापन