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Kanpur News: हत्या और डकैती में पांच को उम्रकैद
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पुलिस बल के साथ जेल जाते दोषी।
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इटावा। प्रधान समेत दो लोगों की हत्या और डकैती के 31 साल पुराने मामले में कोर्ट ने पांच लोगों को उम्रकैद सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर एक-एक साल की अतिरिक्त सजा होगी।
नौ अक्तूबर 1994 की शाम प्रधान अशोक कुमार सिंह यादव निवासी गांव बसगंवा लाइसेंसी रायफल लेकर घर से कहीं जाने के लिए निकले थे। तभी गांव के ही रमेश यादव, सुनील कुमार, कुलदीप, शिवनाथ, सिलेटी सिंह, मोहर सिंह और चंद्रजीत ने उन पर हमला कर दिया था। सभी ने अशोक कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी।
विरोध करने वाले गांव के लायक सिंह को भी गोली मार दी। परिजनों के आने तक हत्यारे रायफल लूटकर फरार हो गए थे। अशोक के भाई डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (डीबीए) के पूर्व महामंत्री राजेश यादव ने सातों लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी।
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अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार दुबे ने आरोपियों को दोषी करार दिया। मोहर सिंह और सिलेटी सिंह मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। कोर्ट ने रमेश चंद्र, सुनील, कुलदीप, शिवनाथ व चंद्र जीत को सजा सुनाई।
मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। यहां बसरेहर पुलिस की ओर से पेश किए गए आरोप पत्र कोर्ट ने सही माने थे। इसके बाद 2023 में सुनवाई शुरू हुई थी।
मुलायम के थे करीबी, सपा के पहले ब्लॉक अध्यक्ष बने थे अशोक
बसरेहर ब्लॉक क्षेत्र में गांव बसगंवा में रहने वाले युवा प्रधान अशोक कुमार सिंह यादव को 1993 में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने पहला सपा ब्लॉक अध्यक्ष बनाया था। सपा बसपा गठबंधन से सरकार बनने पर समूचे क्षेत्र में अध्यक्ष होने के नाते काफी सक्रिय थे। वह मुलायम सिंह के खास लोगों में माने जाते थे। घटना के बाद भी तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव गांव भी पहुंचे थे।
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नौ अक्तूबर 1994 की शाम प्रधान अशोक कुमार सिंह यादव निवासी गांव बसगंवा लाइसेंसी रायफल लेकर घर से कहीं जाने के लिए निकले थे। तभी गांव के ही रमेश यादव, सुनील कुमार, कुलदीप, शिवनाथ, सिलेटी सिंह, मोहर सिंह और चंद्रजीत ने उन पर हमला कर दिया था। सभी ने अशोक कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी।
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विरोध करने वाले गांव के लायक सिंह को भी गोली मार दी। परिजनों के आने तक हत्यारे रायफल लूटकर फरार हो गए थे। अशोक के भाई डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन (डीबीए) के पूर्व महामंत्री राजेश यादव ने सातों लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी।
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अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार दुबे ने आरोपियों को दोषी करार दिया। मोहर सिंह और सिलेटी सिंह मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है। कोर्ट ने रमेश चंद्र, सुनील, कुलदीप, शिवनाथ व चंद्र जीत को सजा सुनाई।
मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। यहां बसरेहर पुलिस की ओर से पेश किए गए आरोप पत्र कोर्ट ने सही माने थे। इसके बाद 2023 में सुनवाई शुरू हुई थी।
मुलायम के थे करीबी, सपा के पहले ब्लॉक अध्यक्ष बने थे अशोक
बसरेहर ब्लॉक क्षेत्र में गांव बसगंवा में रहने वाले युवा प्रधान अशोक कुमार सिंह यादव को 1993 में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने पहला सपा ब्लॉक अध्यक्ष बनाया था। सपा बसपा गठबंधन से सरकार बनने पर समूचे क्षेत्र में अध्यक्ष होने के नाते काफी सक्रिय थे। वह मुलायम सिंह के खास लोगों में माने जाते थे। घटना के बाद भी तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव गांव भी पहुंचे थे।