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औरैया: गोशाला में पांच गोवंशों की मौत, डॉक्टरों की टीम ने किया पोस्टमार्टम
Mon, 02 Dec 2019 12:06 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: शिखा पांडेय
Updated Mon, 02 Dec 2019 12:06 PM IST
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गोशाला में ग्रामीणों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
औरैया जिले के फफूंद में ब्लॉक भाग्यनगर की ग्राम पंचायत तर्रई में स्थित पुरवा गंगू में जिले की सबसे बड़ी गोशाला में शनिवार की रात पांच गोवंशों की अचानक मौत हो गई। दो की हालत मरणासन्न हो गई। गोशाला में मौजूद सेवादारों ने प्रधान व अधिकारियों को सूचना दी।
सूचना पर एडीएम, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी व सीओ अजीतमल सहित पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। पशु चिकित्सकों ने मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम किया। मृत सभी गोवंश तीन दिनों से बीमार थे और तीन दिन पहले ही बीमार अवस्था में औरैया से एक ट्रक पर लाकर गोशाला में छोड़े गए बताए जा रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बीमारी की पुष्टि हुई है।
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सूचना पर एडीएम, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी व सीओ अजीतमल सहित पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। पशु चिकित्सकों ने मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम किया। मृत सभी गोवंश तीन दिनों से बीमार थे और तीन दिन पहले ही बीमार अवस्था में औरैया से एक ट्रक पर लाकर गोशाला में छोड़े गए बताए जा रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बीमारी की पुष्टि हुई है।
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ब्लॉक भाग्यनगर की ग्राम पंचायत तर्रई के पुरवा गंगू में लगभग 75 एकड़ में जिले की सबसे बड़ी गोशाला बनी हुई है। जिसमे 280 गोवंश आश्रय लिए हुए हैं। शनिवार की शाम गोशाला में तीन दिन से बीमार चल रहे पांच गोवंशों की अचानक मौत हो गई। दो गोवंश मरणासन्न स्थिति में पहुंच गए।
रविवार को सुबह गोशाला में काम कर रहे सेवादारों ने जब पांच गोवंश मृत देखे तो उनके हाथ पांव फूल गए और उन्होंने ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव को सूचना दी। जिस पर उन्होंने आला अधिकारियों को जानकारी दी। गोशाला में गोवंशों की मृत्यु की खबर पर ग्रामीणों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।
रविवार को सुबह गोशाला में काम कर रहे सेवादारों ने जब पांच गोवंश मृत देखे तो उनके हाथ पांव फूल गए और उन्होंने ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव को सूचना दी। जिस पर उन्होंने आला अधिकारियों को जानकारी दी। गोशाला में गोवंशों की मृत्यु की खबर पर ग्रामीणों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।
कुछ ही देर में एडीएम न्यायिक एमपी सिंह, तहसीलदार राजकुमार, सीओ अजीतमल कमलेश पांडेय, खंड विकास अधिकारी शांति यादव व पशु चिकित्सा अधिकारी अपनी टीम के साथ पहुंच गए। एडीएम न्यायिक ने ग्राम प्रधान राधा देवी व ग्राम पंचायत सचिव रंजीत सिंह और गोशाला के सेवादारों से मामले की जानकारी ली।
मौके पर मौजूद प्रधान पति लोकेश गौतम, ग्रामीण सेवादार संदीप, राकेश, सोबरन आदि ने बताया कि बीते 28 नवंबर को सुबह वह लोग गोशाला में मौजूद थे। तभी औरैया से एक ट्रक में 16 गाय और एक सांड़ लाकर गोशाला में छोड़े गए थे।
मौके पर मौजूद प्रधान पति लोकेश गौतम, ग्रामीण सेवादार संदीप, राकेश, सोबरन आदि ने बताया कि बीते 28 नवंबर को सुबह वह लोग गोशाला में मौजूद थे। तभी औरैया से एक ट्रक में 16 गाय और एक सांड़ लाकर गोशाला में छोड़े गए थे।
जिसमें कई गोवंश की हालत बेहद गंभीर थी। उनका इलाज पशु चिकित्सक कर रहे थे जिनमें से पांच की मौत हो गई और दो मरणासन्न स्थिति में हैं। मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक डॉ. दीपक, डिप्टी सीबीओ डॉ. एनएन शुक्ला, फार्मासिस्ट बांके बिहारी दुबे ने मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम किया।
एडीएम न्यायिक एमपी सिंह ने बताया कि बीमार 10 गोवंशों का इलाज चल रहा था। जिसमे पांच गोवंश की मौत हो गई। दो की हालत गंभीर है। पशु चिकित्सकों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है।
अधिकारियों को देखते ही आया भूसा
पुरवा गंगू गोशाला में मौके पर पर्याप्त भूसा नहीं था। गोवंश सूखा भूसा खा रहे थे। लेकिन अधिकारियों के पहुंचते ही भूसा लदा ट्रैक्टर व दाना गोशाला में पहुंच गया। पर्याप्त मात्रा में भूसा न होने को लेकर ग्राम प्रधान राधा देवी ने बताया कि भूसा का आर्डर हफ्ते भर पहले ही दे दिया गया था, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से भूसा और दाना आने में देर हो गई।
एडीएम न्यायिक एमपी सिंह ने बताया कि बीमार 10 गोवंशों का इलाज चल रहा था। जिसमे पांच गोवंश की मौत हो गई। दो की हालत गंभीर है। पशु चिकित्सकों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है।
अधिकारियों को देखते ही आया भूसा
पुरवा गंगू गोशाला में मौके पर पर्याप्त भूसा नहीं था। गोवंश सूखा भूसा खा रहे थे। लेकिन अधिकारियों के पहुंचते ही भूसा लदा ट्रैक्टर व दाना गोशाला में पहुंच गया। पर्याप्त मात्रा में भूसा न होने को लेकर ग्राम प्रधान राधा देवी ने बताया कि भूसा का आर्डर हफ्ते भर पहले ही दे दिया गया था, लेकिन मौसम खराब होने की वजह से भूसा और दाना आने में देर हो गई।