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पाकिस्तान जेल से रिहा होकर वतन लौटे
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Tue, 27 Dec 2016 12:54 AM IST
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सवा साल से पाकिस्तान की जेल में बंद थे तीनो मछुआरे
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पाकिस्तान की कराची मलीरलांदी जेल से रिहा होकर कानपुर के तीनों मछुआरे संजय कुरील, रविशंकर गौड़ व जय चंद्र गौड़ सोमवार को अपने वतन लौट आए। बाघा बॉर्डर पार करने के बाद अपने वतन की मिट्टी को चूम कर माथे पर पर लगाकर तीनों ने भारत में प्रवेश किया फोन पर मछुआरे संजय ने अपने पिता से कहा कि बाबू मैं अपने वतन आ गया हूं, जल्दी ही घर आकर सबसे मिलूंगा। तीनों पाक जेल से लगभग सवा साल बाद रिहा हुए हैं।
गुजरात के ओखा समुद्री तट पर जखऊ बंदरगाह पर 15 अक्तूूबर 2015 को मछली शिकार के दौरान भारतीय मछुआरों की छह नौकाओं समेत 27 मछुआरों को पाक नौ सैनिकों पकङ़कर ले गये थे, इनमें भीतरगांव विकास खंड के मोहम्मदपुर गांव के तीन मछुआरे संजय कुरील , रविशंकर गौड़ व जयचंद्र गौड़ भी शामिल थे। रविवार को पाकिस्तान से 200 से ज्याया भारतीय कैदियों के साथ इनको भी रिहा किया गया। बाघा वार्डर से भारत में प्रवेश करने के बाद सोमवार रात 10 बजकर 47 मिनट पर संजय ने किसी दूसके के फोन से अपने पिता रामप्रताप कुरील को खुशखबरी सुनाई। फिर तीनों के घरों में यह खबर पहुंचाई गई और गांव में जश्न का माहौल हो गया। मिठाई बांटी जाने लगी। राम प्रताप ने बताया कि तीनों लङ़कों के 29-30 दिसंबर तक गांव मोहम्मदपुर आने की उम्मीद है।
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गुजरात के ओखा समुद्री तट पर जखऊ बंदरगाह पर 15 अक्तूूबर 2015 को मछली शिकार के दौरान भारतीय मछुआरों की छह नौकाओं समेत 27 मछुआरों को पाक नौ सैनिकों पकङ़कर ले गये थे, इनमें भीतरगांव विकास खंड के मोहम्मदपुर गांव के तीन मछुआरे संजय कुरील , रविशंकर गौड़ व जयचंद्र गौड़ भी शामिल थे। रविवार को पाकिस्तान से 200 से ज्याया भारतीय कैदियों के साथ इनको भी रिहा किया गया। बाघा वार्डर से भारत में प्रवेश करने के बाद सोमवार रात 10 बजकर 47 मिनट पर संजय ने किसी दूसके के फोन से अपने पिता रामप्रताप कुरील को खुशखबरी सुनाई। फिर तीनों के घरों में यह खबर पहुंचाई गई और गांव में जश्न का माहौल हो गया। मिठाई बांटी जाने लगी। राम प्रताप ने बताया कि तीनों लङ़कों के 29-30 दिसंबर तक गांव मोहम्मदपुर आने की उम्मीद है।
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