सीएम योगी से मुलाकात के बाद फायरिंग मामले में विधायक आशू को पुलिस से मिली क्लीनचिट
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हरदोई के मल्लावां में पालिकाध्यक्ष और विधायक समर्थकों के बीच हुई फायरिंग के मामले में पुलिस को जांच के दौरान विधायक और उनके प्रतिनिधि की मौजूदगी घटनास्थल पर नहीं मिली है। पुख्ता सबूत मिलने पर पुलिस ने दोनों की नामजदगी हटाते हुए उन्हें क्लीनचिट दे दी है।
14 जून की रात आठ बजे मल्लावां नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अंकित जायसवाल के मकान और कार्यालय पर फायरिंग हुई थी। नगर पालिका अध्यक्ष और उनके समर्थकों ने भी जवाबी फायरिंग की थी। घटना में विधायक समर्थक तीन युवक घायल हो गए थे।
14 जून की रात हुए विवाद में नामजद थे विधायक और उनके प्रतिनिधि
इस मामले में नगर पालिकाध्यक्ष अंकित जायसवाल ने विधायक आशीष सिंह आशू, उनके प्रतिनिधि नीरज विद्यार्थी निवासी पिपरावां, सुशील कुमार कनौजिया, राजीव, ऋषि, अमन, अंकित, हिमांशु निवासीगण देवमनपुर, राहुल पुत्र स्वतंत्र निवासी भगवंतनगर के साथ ही 200 अन्य लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विधायक समर्थक हिमांशु पटेल ने नगर पालिका अध्यक्ष अंकित जायसवाल व उनके भाईयों विशाल, सिद्धार्थ और रोहित सहित आठ लोगों को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि प्राथमिक विवेचना पूरी कर ली गई है।
इस बात के पुख्ता प्रमाण मिले हैं कि घटनास्थल पर विधायक आशीष सिंह आशू और उनके प्रतिनिधि नीरज विद्यार्थी मौजूद नहीं थे। कई लोगों के बयान व अन्य साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण से आशीष सिंह आशू और नीरज विद्यार्थी की नामजदगी हटा दी गई है।