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लखनऊ-कानपुर हाईवे पर आग का गोला बनी टायर लदी एंबुलेंस, हड़कंप
Tue, 24 Nov 2020 11:44 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Tue, 24 Nov 2020 11:44 PM IST
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एंबुलेंस में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
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लखनऊ-कानपुर हाईवे पर कानपुर के कांशीराम अस्पताल की 108 एंबुलेंस अचानक आग का गोला बन गई। इससे अफरातफरी मच गई। पांच ऑक्सीजन सिलिंडर में एक के फटने से आग बुझाने में दमकल को मशक्कत करनी पड़ी।
एबुलेंस में 108 के वर्कशॉप का सामान व 30 टायर भरे थे। सामान व 20 टायर एंबुलेंस के साथ जलकर राख हो गये। एक घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान हाईवे के एक लेन का आवागमन बाधित रहा।
वाहनों को दूसरे लेन से निकाला गया। कानपुर के कांशीराम अस्पताल की 108 एंबुलेंस का चालक श्रीपाल हरदोई के बिलग्राम के नवमलिकपुर निवासी साथी जितेंद्र यादव के साथ अस्पताल से एक मरीज को लेकर लखनऊ पीजीआई लेकर गया था।
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मरीज को छोड़ने के बाद उसने लखनऊ के 108 के वर्कशॉप से चौपहिया वाहनों के 30 टायर, कूलेंट, ब्रेक ऑयल समेत अन्य सामान एंबुलेंस में रखा और कानपुर के लिए निकल पड़ा। शाम सात बजे वह के अजगैन कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर गांव के पास पहुंचा। तभी अचानक एंबुलेंस में आग लग गई।
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एबुलेंस में 108 के वर्कशॉप का सामान व 30 टायर भरे थे। सामान व 20 टायर एंबुलेंस के साथ जलकर राख हो गये। एक घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान हाईवे के एक लेन का आवागमन बाधित रहा।
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वाहनों को दूसरे लेन से निकाला गया। कानपुर के कांशीराम अस्पताल की 108 एंबुलेंस का चालक श्रीपाल हरदोई के बिलग्राम के नवमलिकपुर निवासी साथी जितेंद्र यादव के साथ अस्पताल से एक मरीज को लेकर लखनऊ पीजीआई लेकर गया था।
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मरीज को छोड़ने के बाद उसने लखनऊ के 108 के वर्कशॉप से चौपहिया वाहनों के 30 टायर, कूलेंट, ब्रेक ऑयल समेत अन्य सामान एंबुलेंस में रखा और कानपुर के लिए निकल पड़ा। शाम सात बजे वह के अजगैन कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर गांव के पास पहुंचा। तभी अचानक एंबुलेंस में आग लग गई।
चालक श्रीपाल ने शार्ट-सर्किट से आग लगने का अंदेशा जता पुलिस और दमकल को सूचना दी। उन्नाव से पहुंची दमकल ने आग बुझानी शुरू की। इसी दौरान एंबुलेंस में रखे पांच ऑक्सीजन सिलिंडर में एक सिलिंडर व एसी का प्रेशर पाइप तेज आवाज के साथ फट गया।
इससे दमकल कर्मियों में भगदड़ मच गई। जल रही एंबुलेंस को देखकर लखनऊ से कानपुर की लेन पर आवागमन रुक गया। कोतवाल संतोष कुमार ने जगदीशपुर गांव के पास से चमरौली कालेज के पास दो किमी दूर ट्रैफिक डायवर्जन कर यातायात बहाल कराया।
अग्निशमन जवानों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निशमन अधिकारी शिवदरश प्रसाद ने बताया कि चालक से पता चला कि वह 108 के वर्कशॉप का सामान लेकर कानपुर जा रहा था। दस अधजले टायर निकाल लिए गए।
शेष सामान एंबुलेंस के साथ पूरी तरह जल गया है। कोतवाल संतोष सिंह ने बताया कि एंबुलेंस में वर्कशॉप का सामान क्यों लादा गया, इसकी जांच की जाएगी। चालक व उसका सहयोगी बाल-बाल बच गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।
इससे दमकल कर्मियों में भगदड़ मच गई। जल रही एंबुलेंस को देखकर लखनऊ से कानपुर की लेन पर आवागमन रुक गया। कोतवाल संतोष कुमार ने जगदीशपुर गांव के पास से चमरौली कालेज के पास दो किमी दूर ट्रैफिक डायवर्जन कर यातायात बहाल कराया।
अग्निशमन जवानों ने एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निशमन अधिकारी शिवदरश प्रसाद ने बताया कि चालक से पता चला कि वह 108 के वर्कशॉप का सामान लेकर कानपुर जा रहा था। दस अधजले टायर निकाल लिए गए।
शेष सामान एंबुलेंस के साथ पूरी तरह जल गया है। कोतवाल संतोष सिंह ने बताया कि एंबुलेंस में वर्कशॉप का सामान क्यों लादा गया, इसकी जांच की जाएगी। चालक व उसका सहयोगी बाल-बाल बच गया है। उससे पूछताछ की जा रही है।