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Banda: वसूली व उत्पीड़न के आरोप में तत्कालीन अतर्रा थाना प्रभारी समेत सात पर प्राथमिकी के आदेश

Mon, 05 Jan 2026 08:39 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा Published by: शिखा पांडेय Updated Mon, 05 Jan 2026 08:39 PM IST
सार

बबेरू के हरदौली गांव निवासी व्यक्ति ने 20 लाख वसूली के आरोप लगाए। न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अतर्रा थानाध्यक्ष को निर्देश दिए। 

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FIR ordered against seven people, including then SHO of Atra police station, on charges of extortion
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (द.प्र.क्षे. अधि.) ने थाना अतर्रा के तत्कालीन प्रभारी अरविंद कुमार सहित सात पुलिस कर्मियों के खिलाफ कमलुद्दीन खां की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश कमालुद्दीन खां की याचिका पर दिया गया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर 20 लाख की वसूली और उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
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बबेरू कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव निवासी कमालुद्दीन खां ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि तत्कालीन थाना प्रभारी अतर्रा अरविंद कुमार और उनके अधीन काम करने वाले पुलिसकर्मियों ने मिलकर उनसे 20 लाख रुपये की वसूली की। कमालुद्दीन का दावा है कि 2021 में उसने बउवा सिंह नामक व्यक्ति को चक्की लगवाने के लिए 2.50 लाख रुपये दिए थे, जो उसने वापस नहीं किए। इसके बाद पुलिस ने कथित तौर पर कमालुद्दीन को फंसाने की योजना बनाई।
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24 सितंबर 2023 को कमालुद्दीन को बिंदकी रोड फतेहपुर पर रोककर जबरन गाड़ी में बैठा लिया और थाना अतर्रा ले जाया गया। वहां उससे मारपीट की गई और 20 लाख रुपये की मांग की गई। प्रारंभ में पुलिस ने कमालुद्दीन के आरोपों को गलत बताया था। हालांकि, पुलिस अधीक्षक बांदा की ओर से कराई गई जांच में पाया गया कि पुलिसकर्मी बिना जीडी एंट्री के फतेहपुर गए थे और उनकी मोबाइल लोकेशन भी वहां पाई गई।
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इस जांच के बाद, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप पर मामले की फिर से जांच शुरू हुई। जांच में तत्कालीन थाना प्रभारी अरविंद कुमार सहित छह पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया। न्यायालय ने पाया कि प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध की पुष्टि होती है और इसलिए थाना अतर्रा के थानाध्यक्ष को आदेश दिया गया है कि वह सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर नियमानुसार विवेचना कराएं। न्यायालय ने विवेचना पूर्ण होने पर प्रथम सूचना रिपोर्ट की एक प्रति अदालत में प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है। उधर बबेरू थाने की चौकी में तैनात तत्कालीन थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने मामले की जानकारी से इन्कार किया है। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने बताया कि प्रकरण की विस्तृत जानकारी नहीं है। वर्ष 2021 के इस प्रकरण में सीओ बबेरू विभागीय जांच कर रहे हैं। तथ्यों के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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