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लेखाकार, मनरेगा सहायक और दो फर्मों पर एफआईआर दर्ज, साढे़ 12 लाख का पौधरोपण घोटाला
Sat, 07 Nov 2020 05:53 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 07 Nov 2020 05:53 PM IST
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इटावा जिले में पौधरोपण में हुए साढे़ बारह लाख रुपये के घोटाले में लेखाकार और लेखा सहायक मनरेगा व दो फर्मों के तीन संचालकों सहित पांच लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार अधिनियम की संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
ताखा में लॉकडाउन के दौरान कागजों पर सत्रह ग्राम पंचायतों में साढे़ बारह लाख रुपये का पौधरोपण के नाम पर मनरेगा का धन डकार लिया गया था। पूरे मामले को जब मीडिया ने परत दर परत खोलना शुरू किया तो जांच के आदेश सीडीओ राजा गणपति आर ने कर दिए।
जांच में घोटाला उजागर होने के बाद बीती रात खंड विकास अधिकारी ताखा प्रेमनाथ यादव ने कार्यालय में तैनात लेखाकार धर्मेंद्र कुमार वर्मा एवं तत्कालीन लेखा सहायक मनरेगा शिवशंकर शर्मा व ग्रीन वर्ल्ड नर्सरी ततारपुर मिरहची एटा के संचालक प्रेम सिंह व उसके पुत्र राकेश एवं प्रियंका ट्रेडर्स जसवंतनगर के प्रोपराइटर यादवेंद्र सिंह के विरुद्ध संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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बताया कि लेखाकार धर्मेंद्र ने लेखा सहायक मनरेगा शिवशंकर के साथ इन फर्मों से साठगांठ कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर मनरेगा की साइट पर फर्जी बिल वाउचर को फीड कर दिया। लेखाकार धर्मेंद्र ने अपने डिजिटल सिग्नेचर कर भुगतान करते हुए कार्यक्रम अधिकारी/खंड विकास अधिकारी को भुगतान के लिए अग्रसारित कर दिया।
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ताखा में लॉकडाउन के दौरान कागजों पर सत्रह ग्राम पंचायतों में साढे़ बारह लाख रुपये का पौधरोपण के नाम पर मनरेगा का धन डकार लिया गया था। पूरे मामले को जब मीडिया ने परत दर परत खोलना शुरू किया तो जांच के आदेश सीडीओ राजा गणपति आर ने कर दिए।
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जांच में घोटाला उजागर होने के बाद बीती रात खंड विकास अधिकारी ताखा प्रेमनाथ यादव ने कार्यालय में तैनात लेखाकार धर्मेंद्र कुमार वर्मा एवं तत्कालीन लेखा सहायक मनरेगा शिवशंकर शर्मा व ग्रीन वर्ल्ड नर्सरी ततारपुर मिरहची एटा के संचालक प्रेम सिंह व उसके पुत्र राकेश एवं प्रियंका ट्रेडर्स जसवंतनगर के प्रोपराइटर यादवेंद्र सिंह के विरुद्ध संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई।
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बताया कि लेखाकार धर्मेंद्र ने लेखा सहायक मनरेगा शिवशंकर के साथ इन फर्मों से साठगांठ कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर मनरेगा की साइट पर फर्जी बिल वाउचर को फीड कर दिया। लेखाकार धर्मेंद्र ने अपने डिजिटल सिग्नेचर कर भुगतान करते हुए कार्यक्रम अधिकारी/खंड विकास अधिकारी को भुगतान के लिए अग्रसारित कर दिया।
द्वितीय भुगतान अधिकारी के रूप में खंड विकास अधिकारी ताखा पीएन यादव ने भी भुगतान कर दिया। जिससे ग्रीन वर्ल्ड नर्सरी एटा को 1153242 रुपये और प्रियंका ट्रेडर्स जसवंतनगर को 91590 रुपये सहित 1244833 रुपये का भुगतान कर दिया गया। पूरे मामले में हुए गबन में थाना ऊसराहार पुलिस ने बीडीओ की तहरीर पर धारा 420, 467, 468, 471, 409 ए भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 व 8 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। थानाध्यक्ष गगन कुमार गौंड ने बताया पूरे मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
बीडीओ की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
बीडीओ की भूमिका भी संदिग्ध थी फिर भी उनकी ही तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। पौधरोपण घोटाले में जांच अधिकारी जिला विकास अधिकारी डीके वर्मा ने की। उन्होंने अपनी रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी है। उसमें स्पष्ट किया है कि अंतिम भुगतान खंड विकास अधिकारी ने किया है।
इसलिये उनके दायित्वों से उन्हें मुक्त नहीं किया जा सकता है। मतलब साफ है कि पूरे मामले मे बीडीओ की भूमिका भी संदिग्ध रही है। जिस तारीख में लेखाकार ने इन फर्मों को भुगतान के लिए बीडीओ को अग्रसारित किया था।
उसी दिन बीडीओ ने भी अंतिम भुगतान कर दिया। साढे़ बारह लाख रुपये के पौधरोपण मामले में उन्होंने एक भी जगह धरातलीय निरीक्षण करना जरूरी नहीं समझा। शायद इसी लिए जांच अधिकारी ने भी बीडीओ को क्लीन चिट नहीं दी।
बीडीओ की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल
बीडीओ की भूमिका भी संदिग्ध थी फिर भी उनकी ही तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई है। पौधरोपण घोटाले में जांच अधिकारी जिला विकास अधिकारी डीके वर्मा ने की। उन्होंने अपनी रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी है। उसमें स्पष्ट किया है कि अंतिम भुगतान खंड विकास अधिकारी ने किया है।
इसलिये उनके दायित्वों से उन्हें मुक्त नहीं किया जा सकता है। मतलब साफ है कि पूरे मामले मे बीडीओ की भूमिका भी संदिग्ध रही है। जिस तारीख में लेखाकार ने इन फर्मों को भुगतान के लिए बीडीओ को अग्रसारित किया था।
उसी दिन बीडीओ ने भी अंतिम भुगतान कर दिया। साढे़ बारह लाख रुपये के पौधरोपण मामले में उन्होंने एक भी जगह धरातलीय निरीक्षण करना जरूरी नहीं समझा। शायद इसी लिए जांच अधिकारी ने भी बीडीओ को क्लीन चिट नहीं दी।