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शेयर बाजार धड़ाम, कनपुरियों को 2500 करोड़ का झटका
अमर उजाला कानपुर
Updated Wed, 07 Jan 2015 03:00 AM IST
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कानपुर। क्रूड ऑयल की कमजोरी और ग्रीस में सरकार की अनिश्चितता को लेकर शेयर बाजार में मंगलवार को छह साल की सबसे बड़ी गिरावट रही। इससे कानपुर की लिस्टेड कंपनियों और अन्य कंपनियों के शेयरों को मिलाकर करीब 2500 करोड़ रुपये का झटका लगा है। शेयर बाजार के जानकारों का कहना है कि क्रूड ऑयल के दामों में आगामी दिनों और गिरावट हो सकती है इस बाजार में हलचल रहेगी।
उप्र. स्टाक एक्सचेंज के पूर्व अध्यक्ष पदम कुमार जैन ने बताया कि सेंसेक्स और निफ्टी में वर्ष 2008 के बाद मंगलवार को सबसे बड़ी गिरावट रही। इससे सेंसेक्स में कानपुर के शेयरों की वैल्यू लगभग 2500 करोड़ रुपये घट गई है। वर्तमान में निवेशक वेट एंड वाच की स्थिति बनाए रखें और हाल फिलहाल बाजार से दूर रहें। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी छा रही है। क्रूड ऑयल के साथ ही मेटल की चमक फीकी पड़ी है। ग्रीस में सरकार को लेकर अनिश्चितता का भी बाजारों की गिरावट पर असर है। उन्होंने बताया कि वैसे क्रूड के दाम घटना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अच्छा है। मेटल की कीमतों में गिरावट भी फायदेमंद है। इससे रॉ मैटेरियल के प्राइज कम होते हैं लेकिन शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बड़ी मात्रा में निवेश कर रखा है। वैश्विक मंदी के दौरान सबसे ज्यादा बिकवाली एफआईआई ही करते है। उप्र स्टाक एक्सचेंज के चेयरमैन केडी गुप्ता ने बताया कि बाजार में निवेश करते समय रिटेल निवेशक सावधानी बरतें। बाजार में आगामी दिनों और उतार-चढाव हो सकता है।
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उप्र. स्टाक एक्सचेंज के पूर्व अध्यक्ष पदम कुमार जैन ने बताया कि सेंसेक्स और निफ्टी में वर्ष 2008 के बाद मंगलवार को सबसे बड़ी गिरावट रही। इससे सेंसेक्स में कानपुर के शेयरों की वैल्यू लगभग 2500 करोड़ रुपये घट गई है। वर्तमान में निवेशक वेट एंड वाच की स्थिति बनाए रखें और हाल फिलहाल बाजार से दूर रहें। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी छा रही है। क्रूड ऑयल के साथ ही मेटल की चमक फीकी पड़ी है। ग्रीस में सरकार को लेकर अनिश्चितता का भी बाजारों की गिरावट पर असर है। उन्होंने बताया कि वैसे क्रूड के दाम घटना भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अच्छा है। मेटल की कीमतों में गिरावट भी फायदेमंद है। इससे रॉ मैटेरियल के प्राइज कम होते हैं लेकिन शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बड़ी मात्रा में निवेश कर रखा है। वैश्विक मंदी के दौरान सबसे ज्यादा बिकवाली एफआईआई ही करते है। उप्र स्टाक एक्सचेंज के चेयरमैन केडी गुप्ता ने बताया कि बाजार में निवेश करते समय रिटेल निवेशक सावधानी बरतें। बाजार में आगामी दिनों और उतार-चढाव हो सकता है।
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