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Kanpur News: आयकर रिटर्न, टीडीएस, जीएसटी अपील 31 जुलाई तक करें
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कानपुर। गैर-कारोबारी और पेशेवर आयकरदाताओं को वित्त वर्ष 2025-26 का आयकर रिटर्न 31 जुलाई 2026 तक दाखिल करना होगा। निर्धारित अवधि में रिटर्न दाखिल न करने पर लेट फीस लगेगी। कर योग्य आय पांच लाख रुपये से अधिक होने पर पांच हजार और पांच लाख रुपये से कम होने पर एक हजार का जुर्माना होगा।
मर्चेंट चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन कर अधिवक्ता संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि व्यापार और पेशे से आय वाले करदाताओं के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त है। टैक्स ऑडिट अनिवार्य होने पर यह तिथि 31 अक्तूबर 2026 है। ऑडिट रिपोर्ट चार्टर्ड अकाउंटेंट से 30 सितंबर 2026 तक अपलोड करानी होगी। देर से दाखिल रिटर्न में त्रुटियों को संशोधित नहीं किया जा सकेगा।
रिटर्न समय से न दाखिल करने पर धारा 139 (5) के तहत यदि दाखिल आयकर रिटर्न में कोई गणना की गलती हो गयी है। छूट दावा करने या कर योग्य आमदनी घोषित करने से रह गयी है। इस आयकर रिटर्न को संशोधित नहीं किया जा सकेगा। समय से दाखिल रिटर्न में यह संशोधन दिसंबर 2026 तक हो सकेगा। एक जनवरी 2027 से 31 मार्च 2027 तक संशोधन करने पर लेट फीस भी अतिरिक्त रूप से जमा करनी होगी। रिटर्न समय से दाखिल नहीं है। तब वेतन से लेकर अन्य स्रोत से होने वाली हानि जैसे कैपिटल गेन या गृह संपत्ति से होने वाली हानि की धनराशि अगले आठ वर्षों की आमदनी से समायोजित नहीं की जा सकेगी।
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टीडीएस विवरण पर जुर्माना
चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (01 अप्रैल से 30 जून 2026) के टीडीएस कटौती का विवरण 31 जुलाई 2026 तक आयकर पोर्टल पर दाखिल करना होगा। नए आयकर कानून 2025 के तहत विलंब से दाखिल किए जाने पर करदाता को प्रतिदिन 200 रुपये का जुर्माना देना होगा। यह जुर्माना अधिकतम टीडीएस की धनराशि के बराबर हो सकता है। समय पर टीडीएस विवरण दाखिल करना महत्वपूर्ण है।
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मर्चेंट चैंबर ऑफ उत्तर प्रदेश की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन कर अधिवक्ता संतोष कुमार गुप्ता ने बताया कि व्यापार और पेशे से आय वाले करदाताओं के लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त है। टैक्स ऑडिट अनिवार्य होने पर यह तिथि 31 अक्तूबर 2026 है। ऑडिट रिपोर्ट चार्टर्ड अकाउंटेंट से 30 सितंबर 2026 तक अपलोड करानी होगी। देर से दाखिल रिटर्न में त्रुटियों को संशोधित नहीं किया जा सकेगा।
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रिटर्न समय से न दाखिल करने पर धारा 139 (5) के तहत यदि दाखिल आयकर रिटर्न में कोई गणना की गलती हो गयी है। छूट दावा करने या कर योग्य आमदनी घोषित करने से रह गयी है। इस आयकर रिटर्न को संशोधित नहीं किया जा सकेगा। समय से दाखिल रिटर्न में यह संशोधन दिसंबर 2026 तक हो सकेगा। एक जनवरी 2027 से 31 मार्च 2027 तक संशोधन करने पर लेट फीस भी अतिरिक्त रूप से जमा करनी होगी। रिटर्न समय से दाखिल नहीं है। तब वेतन से लेकर अन्य स्रोत से होने वाली हानि जैसे कैपिटल गेन या गृह संपत्ति से होने वाली हानि की धनराशि अगले आठ वर्षों की आमदनी से समायोजित नहीं की जा सकेगी।
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टीडीएस विवरण पर जुर्माना
चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (01 अप्रैल से 30 जून 2026) के टीडीएस कटौती का विवरण 31 जुलाई 2026 तक आयकर पोर्टल पर दाखिल करना होगा। नए आयकर कानून 2025 के तहत विलंब से दाखिल किए जाने पर करदाता को प्रतिदिन 200 रुपये का जुर्माना देना होगा। यह जुर्माना अधिकतम टीडीएस की धनराशि के बराबर हो सकता है। समय पर टीडीएस विवरण दाखिल करना महत्वपूर्ण है।