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मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए विदेशों में पैठ बनाने में लगी "फील्ड गन"
अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर
Updated Thu, 23 Aug 2018 06:27 PM IST
सार
- देश के सभी मित्र राष्ट्रों को डिफेंस अटैसी के माध्यम से भेजी गई निर्माणी के उत्पादों की जानकारी
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फील्ड गन फैक्ट्री
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विस्तार
कानपुर की फील्ड गन फैक्ट्री अब विदेशों में अपने उत्पादों की बिक्री और प्रचार-प्रसार में जुट गई है। इसकी शुरुआत बुधवार से हो गई। देश के सभी मित्र राष्ट्रों को डिफेंस अटैसी के माध्यम से निर्माणी में बनने वाले उत्पादों की जानकारी भेजी गई है।
निर्माणी में धनुष, बोफोर्स तोप के अलावा टी-90, टी-72 और अर्जुन टैंक की बैरल, नेवी में इस्तेमाल होने वाले लांचर ट्यूब और .32 बोर की रिवाल्वरों का उत्पादन होता है। इन उत्पादों की सप्लाई सेना को की जाती है। जबकि रिवाल्वर की बिक्री देश के स्थानीय बाजार में होती है।
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निर्माणी में धनुष, बोफोर्स तोप के अलावा टी-90, टी-72 और अर्जुन टैंक की बैरल, नेवी में इस्तेमाल होने वाले लांचर ट्यूब और .32 बोर की रिवाल्वरों का उत्पादन होता है। इन उत्पादों की सप्लाई सेना को की जाती है। जबकि रिवाल्वर की बिक्री देश के स्थानीय बाजार में होती है।
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डेमो पिक
अब निर्माणी में बने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतारने की तैयारी है। इसके तहत पहले चरण में देश के मित्र राष्ट्रों के बीच प्रचार-प्रसार का काम शुरू किया गया है। सूत्रों ने बताया कि देश की हर एंबेसी में डिफेंसी अटैसी होते हैं।
इनके माध्यम से निर्माणी में बनने वाले उत्पादों, उनकी गुणवत्ता और उत्पाद निर्माण में अपनाए जाने वाले मानक आदि की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए निर्माणी ने ब्रोशर भी तैयार किया है।
इसलिए की जा रही पहल
सूत्रों के मुताबिक, देश में मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी के तहत निर्माणी में स्वदेशी उपकरणों की सहायता से उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। निर्माणी अब सेना पर निर्भरता खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। देश में दो डिफेंस कॉरीडोर बनना भी प्रस्तावित है। ऐसे में उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। नए-नए बाजार बढ़ेंगे। इसी को ध्यान में रखकर निर्माणी ने यह कदम उठाया है।
इनके माध्यम से निर्माणी में बनने वाले उत्पादों, उनकी गुणवत्ता और उत्पाद निर्माण में अपनाए जाने वाले मानक आदि की जानकारी दी जाएगी। इसके लिए निर्माणी ने ब्रोशर भी तैयार किया है।
इसलिए की जा रही पहल
सूत्रों के मुताबिक, देश में मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी के तहत निर्माणी में स्वदेशी उपकरणों की सहायता से उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। निर्माणी अब सेना पर निर्भरता खत्म करने की दिशा में काम कर रही है। देश में दो डिफेंस कॉरीडोर बनना भी प्रस्तावित है। ऐसे में उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। नए-नए बाजार बढ़ेंगे। इसी को ध्यान में रखकर निर्माणी ने यह कदम उठाया है।