फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Fees to be made public 60 days in advance; admission fee only for new admissions

Kanpur News: 60 दिन पहले सार्वजनिक करनी होगी फीस, प्रवेश शुल्क केवल नए दाखिले पर

Sat, 24 Jan 2026 02:22 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jan 2026 02:22 AM IST
विज्ञापन
Fees to be made public 60 days in advance; admission fee only for new admissions
कानपुर। प्रत्येक विद्यालय शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले आगामी वर्ष की फीस का विवरण सक्षम अधिकारी को उपलब्ध कराएगा। प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से 60 दिन पहले अपनी वेबसाइट और विद्यालय के सूचना पट्ट पर फीस सार्वजनिक करना अनिवार्य होगा। किसी छात्र या अभिभावक को किताब, जूते, मोजे या यूनिफॉर्म किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। यूनिफॉर्म पांच वर्षों तक बदली नहीं जाएगी। प्रवेश शुल्क केवल नए प्रवेश पर लिया जाएगा और परीक्षा शुल्क सिर्फ परीक्षाओं के लिए ही वसूला जाएगा। नियम तोड़ने पर पांच लाख तक जुर्माना के अलावा मान्यता समाप्त भी की जा सकती है।
विज्ञापन

यह निर्देश शुक्रवार को सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार परिसर में हुई जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने दिए। इसमें स्ववित्तपोषित विद्यालयों की फीस, काॅपी-किताब, यूनिफॉर्म और जूते-मोजे को लेकर अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। डीएम ने शैक्षणिक सत्र 2026–27 के लिए फीस से जुड़े नियम स्पष्ट किए। उन्होंने कहा कि अभिभावकों का आर्थिक शोषण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी विद्यालयों को फीस संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। हर प्रकार की फीस की रसीद देना अनिवार्य होगा। निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने की अनुमति नहीं होगी। शिकायतों के निस्तारण को लेकर निर्देश दिए कि पहले विद्यालय स्तर पर तय समय में समाधान कराया जाए। 15 दिन में समाधान न होने पर मामला जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
विज्ञापन


स्कूलों के लिए अनिवार्य

- सत्र से 60 दिन पहले फीस करनी होगी सार्वजनिक
- वेबसाइट और सूचना पट्ट पर देना होगा फीस का विवरण
- हर तरह के शुल्क की देनी होगी रसीद
- पांच साल तक नहीं बदल सकते यूनिफॉर्म


नियम तोड़ने पर मिलेगी सजा
अधिक शुल्क लेने या किसी विशेष दुकान से शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए विवश करने पर विद्यालयों पर जुर्माना लगाने के साथ मान्यता भी खत्म करने की बात कही गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- पहली बार शिकायत पर फीस वापसी के साथ एक लाख रुपये तक जुर्माना
- दूसरी बार शिकायत आने पर पांच लाख तक जुर्माना
- तीसरी बार में मान्यता समाप्त करने की संस्तुति
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed