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Fatehpur: लौकियापुर बवाल में 20 के खिलाफ एफआईआर दर्ज, मुख्य आरोपी को अखिलेश यादव ने सहानुभूति में दिया था चेक
Wed, 17 Sep 2025 09:36 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Wed, 17 Sep 2025 09:36 PM IST
सार
धर्मांतरण का आरोप लगाकर हंगामा हुआ था। मामले में 20 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
खागा कोतवाली क्षेत्र के लौकियापुर गांव में 13 अप्रैल को धर्मांतरण कराने का आरोप लगाकर हंगामा और बवाल हुआ था। प्रकरण में थाना स्तर पर विधायक कृष्णा पासवान की मौजूदगी में पंचायत के बाद समझौता हुआ था। बाद में कोर्ट के माध्यम से एक पक्ष की ओर से मामला दर्ज कराने के बाद दूसरे पक्ष ने भी मंगलवार को 20 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
गांव निवासी अभय प्रताप सिंह ने कोर्ट के माध्यम से दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वीरेंद्र कुमार पासवान, सूरज, सुरेंद्र, ईश्वरदीन, रामदीन, सोहनलाल, दुखी, अवधेश, महेश, गुप्पुल, डब्लू, राकेश, इंदल पुत्र बुलाकी, इंदल पुत्र प्रसाद, सोनू, प्रदीप 13 अप्रैल को दरवाजे पर आए। धर्मांतरण की शिकायत की खुन्नस में गाली गलौज करने लगे।
सभी लाठी, कुल्हाड़ी, तमंचे लिए थे। दरवाजा तोड़कर घर के अंदर से उसे बाहर घसीट लाए। सभी के साथ मारपीट की। सूचना पर दुर्गेश प्रताप सिंह, जितेंद्र प्रताप सिंह पहुंचे। उन्हें आते देखकर हमलावर उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग निकले। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। इसके बाद कोतवाली में समझौता हुआ। इधर, वीरेंद्र ने न्यायालय के आदेश पर खागा कोतवाली में अभय और उसके पक्ष के लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। तब अभय ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बता दें कि वीरेंद्र पासवान का एक वीडियो वायरल हुआ था।
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इसमें हिंदू संगठन के लोगों ने सिर मुंडवा कर उससे मंदिर में पूजा पाठ कराई थी। मामले के बाद वीरेंद्र को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सहानुभूति में चेक दिया था। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।
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गांव निवासी अभय प्रताप सिंह ने कोर्ट के माध्यम से दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि वीरेंद्र कुमार पासवान, सूरज, सुरेंद्र, ईश्वरदीन, रामदीन, सोहनलाल, दुखी, अवधेश, महेश, गुप्पुल, डब्लू, राकेश, इंदल पुत्र बुलाकी, इंदल पुत्र प्रसाद, सोनू, प्रदीप 13 अप्रैल को दरवाजे पर आए। धर्मांतरण की शिकायत की खुन्नस में गाली गलौज करने लगे।
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सभी लाठी, कुल्हाड़ी, तमंचे लिए थे। दरवाजा तोड़कर घर के अंदर से उसे बाहर घसीट लाए। सभी के साथ मारपीट की। सूचना पर दुर्गेश प्रताप सिंह, जितेंद्र प्रताप सिंह पहुंचे। उन्हें आते देखकर हमलावर उसे मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग निकले। उसे सीएचसी में भर्ती कराया गया। इसके बाद कोतवाली में समझौता हुआ। इधर, वीरेंद्र ने न्यायालय के आदेश पर खागा कोतवाली में अभय और उसके पक्ष के लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। तब अभय ने भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बता दें कि वीरेंद्र पासवान का एक वीडियो वायरल हुआ था।
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इसमें हिंदू संगठन के लोगों ने सिर मुंडवा कर उससे मंदिर में पूजा पाठ कराई थी। मामले के बाद वीरेंद्र को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सहानुभूति में चेक दिया था। कोतवाल आरके सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के बाद कार्रवाई होगी।