फतेहपुर धमाका: फल विक्रेता कइयों से खरीदता था आतिशबाजी, सप्लायरों की तलाश तेज, सुरेश गुप्ता ने खारिज किया आरोप
Fatehpur News: मलवां कस्बे में 28 सितंबर को फल कारोबारी सुरेश गुप्ता के घर हुए भीषण विस्फोट मामले में अब अवैध आतिशबाजी आपूर्ति का नया एंगल सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार, सुरेश गुप्ता दीपावली पर मुनाफे के लिए रामपुर पचभीटा गांव के एक टाइल्स मिस्त्री व अन्य सप्लायरों से पहले ही आतिशबाजी खरीदकर डंप कर रहा था। पुलिस अब इन सप्लायरों की तलाश में जुटी है।
विस्तार
फतेहपुर जिले में मलवां कस्बे के फल विक्रेता सुरेश गुप्ता के कई लोगों से आतिशबाजी खरीदने की चर्चा सामने आई है। पुलिस अब आतिशबाजी की आपूर्ति करने वाले सप्लायरों की भी तलाश कर रही है। हालांकि, सुरेश गुप्ता ने घर में आतिशबाजी डंप किए जाने के आरोप को खारिज किया है। उनका कहना है कि वह इन दिनों सिर्फ फलों का काम कर रहे थे और घर में आतिशबाजी नहीं डंप की थी।
हादसे की वजह उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति ठीक न होना बताया।मामले में मलवां थाने के ही रामपुर पचभीटा गांव के एक युवक का नाम सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार युवक टाइल्स लगाने का काम करता है। उसके दिवंगत पिता पटाखा निर्माता थे। युवक अब शादियों में आतिशबाजी की बुकिंग का काम भी करता है। कस्बे के लोगों के अनुसार फल विक्रेता हर साल दीपावली के लिए पहले से आतिशबाजी खरीदकर रखता था।
परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी
उनका कहना है कि पहले आतिशबाजी सस्ते और आसानी से मिल जाती है। पचभीटा के युवक ने भी फल विक्रेता को आतिशबाजी की सप्लाई पहुंचाई थी। इसके अलावा सुरेश गुप्ता अन्य लोगों से भी आतिशबाजी खरीदता था। लोगों के बीच मलवां थाने के रेवाड़ी गांव में करीब तीन साल पहले आतिशबाजी से हुए विस्फोट की भी चर्चा रही। उस घटना में भी परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी।
फल की दुकानें बंद, दुकानदारों में शोक
कस्बे के अंडरपास के सामने फल विक्रेता सुरेश गुप्ता की दुकान है। कुछ दूरी पर उसके भतीजे सूरज की दुकान भी है। हादसे के बाद से दोनों दुकानें बंद हैं। अक्सर लोग दुकानों के पास पहुंचकर हादसे और परिवार के बारे में चर्चा करते नजर आते हैं।
पति के बाद बच्चों का चेहरा भी नहीं देख सकी
बेटे अर्पित और वेद की घायल मां पूजा मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। पूजा ने बताया कि पति रोहित की मौत के बाद उनके शव को भी लोगों ने देखने तक नहीं दिया। जिंदगी का सहारा बचे दोनों बेटों के शवों के अंतिम दर्शन भी वह नहीं कर सकीं। उधर मोहल्ले में घरों के बाहर महिलाएं बैठी नजर आईं। सभी की जुबां पर हादसे की चर्चा थी। लोग परिवार के भविष्य को लेकर चिंता जताते रहे।
प्रधानमंत्री आवास दिलाने का आश्वासन दिया
सुरेश गुप्ता का घर गिरने के बाद पत्नी उमा देवी, बेटी लक्ष्मी, सलोनी और बेटे कार्तिक उनके बड़े भाई सोनेलाल के घर रह रहे हैं। विस्फोट में पड़ोसी प्रदीप का घर भी गिर गया। उसका परिवार भी मुन्नीलाल के घर रह रहा है। विधायक जय कुमार जैकी ने परिवार को प्रधानमंत्री आवास दिलाने का आश्वासन दिया है। इकलौते बेटे यश के पिता गुड्डन के दरवाजे पर परिवार के कुछ लोग नजर आए।