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Farrukhabad: पत्नी को प्रताड़ित कर आत्महत्या के लिए उकसाने में तीन वर्ष की कैद, दोषी पर जुर्माना भी लगाया
Sat, 30 May 2026 06:28 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 30 May 2026 06:28 PM IST
सार
Farrukhabad News: मामला सात वर्ष पुराना है। कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए ससुर को बरी किया। दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
करीब सात वर्ष पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय के न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने सुनवाई पूरी करते हुए पति नसीम को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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कोतवाली मोहम्मदाबाद के गांव हुसैनपुर निवासी मो. इंसाफ ने अपनी पुत्री अंजुम बेगम की शादी 30 अक्तूबर 2011 को थाना नवाबगंज क्षेत्र के गांव बराकेशव निवासी नसीम से की थी। आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुरालियों ने पुत्री को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। 29 मार्च 2019 को अंजुम ने मां को फोन कर मारपीट की जानकारी दी। तब 31 मार्च को पिता मो. इंसाफ बेटी की ससुराल पहुंचे। उन्होंने विदाई कराने का प्रयास किया पर ससुरालियों ने खेती-बाड़ी के काम का हवाला देकर विदाई नहीं की।
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अगले दिन ही 1 अप्रैल 2019 की शाम सूचना मिली कि अंजुम ने फांसी लगा ली है। मौके पर पहुंचने पर परिजन ने हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने हत्या के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की। विवेचना और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद पुलिस ने हत्या की धारा हटाकर मामले को आत्महत्या के लिए उकसाने का मानते हुए नसीम और उसके पिता जान मोहम्मद के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह और विभिन्न दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद पति को अंजुम बेगम से मारपीट और मानसिक प्रताड़ना देने में 29 मई को दोषी करार दिया था। वहीं संदेह का लाभ देते हुए ससुर जान मोहम्मद को दोषमुक्त करार दिया।