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अवैध वसूली का ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद सुर्खियों में आए थे एआरटीओ, भ्रष्टाचार का लगा आरोप
Sat, 07 Sep 2019 10:09 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
यूपी डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sat, 07 Sep 2019 10:09 PM IST
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एआरटीओ सुधेश तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद में वकीलों से शुरू हुए विवाद के बाद से एआरटीओ सुधेश तिवारी चर्चा में थे। वकीलों ने भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर उनके खिलाफ शासन में कई शिकायतें की थीं। प्रमुख सचिव ने मामले की जांच के आदेश देते हुए एआटीओ को लखनऊ मुख्यालय में संबद्ध कर दिया है। उनके स्थान पर बागपत के एआरटीओ प्रशासन सुरेंद्र सिंह को जिले में तैनाती दी गई है।
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एआरटीओ सुधेश तिवारी ने 6 जुलाई को हमीरपुर जिले से तबादले पर यहां आकर कार्यभार ग्रहण किया था। लेकिन अपनी कार्यशैली के लिए मशहूर एआरटीओ सुधेश तिवारी कुछ दिनों में ही चर्चा में आ गए। उनके कार्यकाल में ही पीटीओ वीके आनंद के साथ मारपीट की घटना हुई। इसका उन्होंने पुरजोर विरोध किया। इसके चलते कचहरी गेट पर एआरटीओ सुधेश तिवारी के साथ 26 अगस्त को मारपीट हुई।
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इस मामले में छह वकीलों के खिलाफ उन्होंने मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से एआरटीओ विवादों के घेरे में चल रहे थे। वकील भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। साथ ही डीएम के माध्यम से शासन में एआरटीओ के खिलाफ कई शिकायतें कीं। इसमें एआरटीओ पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगाए। पकड़ी गई गाड़ी को छोड़ने को लेकर सौदेबाजी का एआरटीओ का आडियो भी वायरल हुआ था।
इसकी शिकायत भी वकीलों ने डीएम के माध्यम से शासन को भेजी थी। एआरटीओ ने जिला प्रशासन के खिलाफ भी कई पत्र शासन को लिखकर सोशल मीडिया पर वायरल किए थे। शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य जनपद में आए थे। उनसे भी वकीलों ने एआरटीओ व पीटीओ के भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। इसके बाद से ही उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर कयास लगाए जा रहे थे।
शनिवार को प्रमुख सचिव को संबोधित एक पत्र एआटीओ ने वायरल कर दिया था। पत्र वायरल होने के कुछ घंटों बाद ही प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने आदेश जारी कर कहा कि सुधेश तिवारी एआटीओ प्रशासन के खिलाफ अवैध वसूली व भ्रष्टाचार की शिकायतें हुईं। इसमें प्रथमदृष्टया उत्तरदायी पाए जाने पर उन्हें परिवहन आयुक्त कार्यालय में संबद्ध किया जाता है। वहीं दूसरे आदेश में बागपत के एआरटीओ प्रशासन सुरेंद्र को जिले तैनाती दी है। एआरटीओ सुधेश तिवारी फर्रुखाबाद जिले में महज दो माह दो दिन ही कार्य कर सके।
इसकी शिकायत भी वकीलों ने डीएम के माध्यम से शासन को भेजी थी। एआरटीओ ने जिला प्रशासन के खिलाफ भी कई पत्र शासन को लिखकर सोशल मीडिया पर वायरल किए थे। शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य जनपद में आए थे। उनसे भी वकीलों ने एआरटीओ व पीटीओ के भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। इसके बाद से ही उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर कयास लगाए जा रहे थे।
शनिवार को प्रमुख सचिव को संबोधित एक पत्र एआटीओ ने वायरल कर दिया था। पत्र वायरल होने के कुछ घंटों बाद ही प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने आदेश जारी कर कहा कि सुधेश तिवारी एआटीओ प्रशासन के खिलाफ अवैध वसूली व भ्रष्टाचार की शिकायतें हुईं। इसमें प्रथमदृष्टया उत्तरदायी पाए जाने पर उन्हें परिवहन आयुक्त कार्यालय में संबद्ध किया जाता है। वहीं दूसरे आदेश में बागपत के एआरटीओ प्रशासन सुरेंद्र को जिले तैनाती दी है। एआरटीओ सुधेश तिवारी फर्रुखाबाद जिले में महज दो माह दो दिन ही कार्य कर सके।