मुख्यमंत्री जी! रो रहे हैं इस जिले के अन्नदाता
- समय से पहले ही कई केंद्रों पर बंद कर दी गई गेहूं खरीद
- अभी भी उपज बेचने के लिए भटक रहे किसान
नियमानुसार 15 जून तक गेहूं खरीद की जानी है। सोनिक प्रतिनिधि के अनुसार पीसीएफ के बिचपरी केंद्र पर 40 ट्रक (6 हजार क्विंटल ) गेहूं लगा है। ट्रक न मिलने से गेहूं की उठान नहीं हो पा रही है। इससे पिछले एक सप्ताह से खरीद ठप है। वहीं एफसीआई के अफसरों की मनमानी किसानों पर भारी पड़ने लगी है। जानकारों की मानें तो एफसीआई अफसरों ने बिचपरी केंद्र के गेहूं को लखनऊ तालकटोरा गोदाम भेजने के आदेश दिए हैं।
बिचपरी से लखनऊ की दूरी 50 से 55 किलोमीटर है। ऐसे में कोई भी चालक ट्रक नहीं ले जा रहा है। वहीं बिचपरी की उन्नाव दही चौकी से दूरी 7 से 8 किमी. है। ऐसे में इस केंद्र को लखनऊ से अटैच करना सही नहीं है। केंद्र प्रभारी का कहना है जब तक गेहूं डिलीवर नहीं हो जाएगा, वह खरीद नहीं करेंगे। चाहे निलंबित ही क्यों न कर दिया जाए। असोहा प्रतिनिधि के अनुसार गोसाईंखेड़ा केंद्र पर स्थान न होने से दो दिनों से खरीद बंद है। प्रभारी श्रीप्रकाश यादव का कहना है कि केंद्र पर 3730 क्विंटल गेहूं का स्टाक लगा हुआ है। सहरावां के केंद्र प्रभारी संदीप ने बताया कि 2500 क्विंटल के स्टाक का उठान न होने से खरीद प्रभावित है। औरास प्रतिनिधि के अनुसार साधन सहकारी समिति में पीसीएफ का केंद्र है। 29 मई से बोरे न होने के कारण यहां खरीद बंद है। सीमऊ केंद्र प्रभारी निरंकार सिंह चिकित्सीय अवकाश पर चले गए हैं। इससे एक माह से इस केंद्र पर खरीद नहीं हुई।
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