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धान क्रय केंद्र न होने से सौ गांवों के किसान उपज बेचने के लिए परेशान

Tue, 09 Nov 2021 01:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 09 Nov 2021 01:06 AM IST
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Farmers of hundred villages worried about selling produce due to lack of paddy purchasing center
सरवनखेड़ा। धान क्रय केंद्र नहीं खुलने से सरवनखेड़ा व गजनेर क्षेत्र के करीब 100 गांवों के किसान परेशान हैं। कई गांव धान उत्पादन में अग्रणी होने के बाद भी क्रय केंद्र नहीं खुलने से किसानों के सामने धान की बिक्री का संकट खड़ा हो गया है। इससे किसान आढ़ती को मनमाने दाम पर धान बेचने को मजबूर होंगे।
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ब्लॉक के सेरूवा, मनेथू, लोहारी, सिकंदरपुर, भैंथाना, रूपपुर, खनपना, जिगनीपुरवा, सराय, दुआरी, पेराजोर समेत 25 से अधिक गांवों में धान का उत्पादन बेहतर होता है। घाटमपुर रजबहा के आसपास गांवों के अधिकतर किसान अपने खेतों में धान की फसल तैयार करते हैं।
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क्षेत्र में धान के अच्छे उत्पादन को ध्यान में रखकर कृषि विभाग ने पिछले वर्ष मनेथू, सरवनखेड़ा, जिठरौली व पामा में धान क्रय केंद्र खोले थे लेकिन इस बार एक भी केंद्र नहीं खोला गया। इससे सरवनखेड़ा व गजनेर क्षेत्र के करीब सौ गांवों के किसान धान बेचने को लेकर परेशान हैं।
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जसवापुर गांव के किसान छंन्ना तिवारी ने बताया कि उनके पास दो सौ क्विंटल धान तैयार है। नजदीक क्रय केंद्र न होने से बिक्री नहीं कर पा रहे हैं। रजिस्ट्रेशन व सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है।
सैंथा गांव के किसान बउवा मिश्रा ने बताया कि दूर बने केंद्रों में धान ले जाना संभव नहीं है। दूर के केंद्रों में धान ले जाने में समय बर्बाद होगा वहीं भाड़ा भी अधिक लगेगा। गजनेर कस्बा के धनंजय सिंह ने बताया कि पिछली बार के क्रय केंद्रों को बंद कर देने से किसानों के सामने संकट आ गया है।
व्यापारियों को मनमाने दाम में बेचना मजबूरी है। सैंथा गांव के किसान नंद किशोर शाहू ने बताया कि मोटे धान की कीमत बाजार में बहुत कम है। क्रय केंद्र में समर्थन मूल्य योजना का लाभ मिलता है। केंद्र न होने से किसानों का नुकसान हो रहा है।

जिले में 11 नए क्रय केंद्र खोले जा रहे हैं। अगर गजनेर क्षेत्र में केंद्र नहीं होगा तो वहां जल्द ही नया प्रस्ताव तैयार कर क्रय केंद्र खुलवा दिया जाएगा, ताकि किसान आसानी से धान की बिक्री कर सके। - राघवेंद्र प्रताप सिंह, डिप्टी आरएमओ
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