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Kanpur News: किसानों ने प्राकृतिक खेती और सब्जी उत्पादन में बढ़ावा देने का दिया सुझाव
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कार्यक्रम में बोलते सीएम के सलाहकार अवनीश अवस्थी व मौजूद वीसी प्रो आनंद कुमार, जिलाधिकारी और सी
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर। समर्थ उत्तर प्रदेश–विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047 अभियान के अंतर्गत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार एवं पूर्व आईएएस अवनीश अवस्थी ने कहा कि कृषि और इससे जुड़े क्षेत्र 2047 तक प्रदेश को आत्मनिर्भर और वैश्विक शक्ति बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। चंद्रशेखर आज़ाद कृषि विश्वविद्यालय में दूसरी पाली के आयोजित संवाद कार्यक्रम में प्रबुद्धजनों ने किसानों, एफपीओ प्रतिनिधियों और कृषि वैज्ञानिकों से चर्चा की साथ ही सभी के सुझाव भी लिए गए।
अवनीश अवस्थी ने कहा कि 2017 से अब तक यूपी ने कृषि में उल्लेखनीय प्रगति की है। खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी 35.5 फीसदी, गेहूं उत्पादन में 42.8 फीसदी, गन्ना उत्पादन में 54.5 फीसदी और आलू उत्पादन में 40.7 फीसदी तक पहुंच चुकी है। दुग्ध उत्पादन 7.43 करोड़ टन व मत्स्य उत्पादन का राष्ट्रीय योगदान 8.3 फीसदी हो गया है।
अब किसानों को ड्रोन तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक अपनानी होगी। अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि नीतियों के निर्माण में सबकी भागीदारी आवश्यक है। नई पीढ़ी को बदलती तकनीक से तालमेल बैठाना होगा। इस दौरान अपर मुख्य सचिव एवं नोडल अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, सीएसए के कुलपति डॉ. आनंद कुमार सिंह, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह व मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन आदि मौजूद रहे।
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किसानों ने प्रबुद्धजनों को दिए सुझाव
कार्यक्रम में उपस्थित किसान राज किशोर पांडेय ने कहा कि गोवंश को कृषि से जोड़कर गो-आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। पुष्प उत्पादक जय नारायण सिंह ने ऊसर भूमि सुधार और ब्लॉक स्तर पर मंडी खोलने का सुझाव दिया। कृषक कमल किशोर ने जल संरक्षण के लिए ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा देने की बात कही, जबकि राखी गुप्ता ने जैविक खेती पर ज़ोर दिया। एफपीओ सदस्य जयंत तिवारी ने दुग्ध उत्पादन और प्रगतिशील किसान रघुनाथ सिंह ने सब्जी व धान उत्पादन को लेकर सुझाव दिए। किसानों ने बिजली रोस्टर सुधार, नहरों की सफाई और मृदा स्वास्थ्य सुधार पर भी जोर दिया।
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अवनीश अवस्थी ने कहा कि 2017 से अब तक यूपी ने कृषि में उल्लेखनीय प्रगति की है। खाद्यान्न उत्पादन में प्रदेश की हिस्सेदारी 35.5 फीसदी, गेहूं उत्पादन में 42.8 फीसदी, गन्ना उत्पादन में 54.5 फीसदी और आलू उत्पादन में 40.7 फीसदी तक पहुंच चुकी है। दुग्ध उत्पादन 7.43 करोड़ टन व मत्स्य उत्पादन का राष्ट्रीय योगदान 8.3 फीसदी हो गया है।
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अब किसानों को ड्रोन तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी आधुनिक तकनीक अपनानी होगी। अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि नीतियों के निर्माण में सबकी भागीदारी आवश्यक है। नई पीढ़ी को बदलती तकनीक से तालमेल बैठाना होगा। इस दौरान अपर मुख्य सचिव एवं नोडल अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, सीएसए के कुलपति डॉ. आनंद कुमार सिंह, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह व मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन आदि मौजूद रहे।
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किसानों ने प्रबुद्धजनों को दिए सुझाव
कार्यक्रम में उपस्थित किसान राज किशोर पांडेय ने कहा कि गोवंश को कृषि से जोड़कर गो-आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। पुष्प उत्पादक जय नारायण सिंह ने ऊसर भूमि सुधार और ब्लॉक स्तर पर मंडी खोलने का सुझाव दिया। कृषक कमल किशोर ने जल संरक्षण के लिए ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई को बढ़ावा देने की बात कही, जबकि राखी गुप्ता ने जैविक खेती पर ज़ोर दिया। एफपीओ सदस्य जयंत तिवारी ने दुग्ध उत्पादन और प्रगतिशील किसान रघुनाथ सिंह ने सब्जी व धान उत्पादन को लेकर सुझाव दिए। किसानों ने बिजली रोस्टर सुधार, नहरों की सफाई और मृदा स्वास्थ्य सुधार पर भी जोर दिया।