ओला-बारिश से फसल हुई बर्बाद, सदमे में किसान की पत्नी फांसी पर झूली, लाश देख बेहोश हुआ पति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दर्दनाक घटना बांदा के अतर्रा तहसील और थाना क्षेत्र के आऊ गांव की है। शनिवार को मुन्नी (45) पत्नी रामजस वर्मा ने घर की अटारी में सूना मौका पाकर फांसी लगा ली। पति ने बताया कि सुबह मुन्नी उसके साथ खेत गई थी। वहां ओला बारिश से फसल को पहुंचे नुकसान देखकर उसे सदमा पहुंचा।
दोपहर तक खेत में बैठी रही। फिर पति को खेत में ही छोड़कर घर आ गई और फांसी लगा ली। पति ने बताया कि 10 बीघा खेत बंटाई पर ले रखा है। पति पत्नी दोनों मिलकर उस पर खेती करते थे। ओला बारिश से सरसों, चना और गेहूं को काफी नुकसान पहुंचा। बताया कि खेती के लिए प्राइवेट कर्ज भी ले रखा था।
दिल का दौरा पड़ने से खेत में किसान की मौत
ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी देखने के बाद किसान की हार्ट अटैक से खेत में ही मौत हो गई। देहात कोतवाली क्षेत्र के पचनेही गांव में रामेश्वर यादव (32) पचुवा यादव शनिवार की शाम से खेत गया था। वहां फसल बर्बाद देकर उसे दिल का दौरा पड़ा और वहीं मौत हो गई। पूरी रात शव खेतों में पड़ा रहा।
रविवार की सुबह ग्रामीणों ने परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर बिसरा सुरक्षित रखा है। मृतक के मामा बेनी माधव (मर्का) ने पोस्टमार्टम हाउस में बताया कि रामेश्वर के पास पांच बीघा जमीन थी। रामेश्वर पर बैंक का करीब चार लाख का कर्ज था।