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यूपी: 15 दिन से लापता किसान फांसी से झूलता मिला, लाश बन गई कंकाल
Sun, 28 Jun 2020 03:33 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sun, 28 Jun 2020 03:33 PM IST
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फांसी पर झूलता मिला किसान का शव
- फोटो : अमर उजाला
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हमीरपुर जिले में राठ कोतवाली क्षेत्र के औंडेरा गांव निवासी प्यारेलाल (45) पुत्र लल्लू अहिरवार का शव खेत में लगे पेड़ से फांसी से झूलता मिला। मृतक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होने पर 15 दिन से गायब था। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
औंडेरा गांव में एक पखवारे पूर्व दो भाइयों बलि अहिरवार व रामपाल अहिरवार के बीच विवाद में मारपीट हुई थी। घायल रामपाल की ग्वालियर में उपचार के बाद मौत हो गयी थी। उक्त मामले में मृतक के परिजनों ने बलि के साथ ही परिवारी प्यारेलाल अहिरवार को भी आरोपी बनाया था। अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही 14 जून को प्यारेलाल घर से लापता हो गया था।
रविवार सुबह गांव के बाहर नीम के ऊंचे पेड़ से उसका शव लोहे के तार व रस्सी के सहारे फांसी पर झूलता मिला। शव सूख कर कंकाल में बदल चुका है, जिसमें कीड़ों ने सुराख बना लिए हैं। मृतक की पुत्री मनीषा का आरोप है कि रंजिश के चलते उसके पिता को झूठे मुकदमे में फंसाया गया था। पिता के गुमशुदगी की सूचना कोतवाली में दी लेकिन पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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आरोप लगाया है कि उसके पिता की हत्या की गई है। मृतक के नाम करीब 10 बीघा कृषि भूमि है। जिसपर खेती कर परिवार का भरण पोषण करता था। मौत से पत्नी रामप्यारी, पुत्री मनीषा (17), रेखा (15) व पुत्र संदीप (12) का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाल मनोज शुक्ला ने कहा कि 15 दिन पूर्व दो भाइयों का विवाद हुआ था।
बड़े भाई ने छोटे के सिर पर डंडा मार दिया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी थी। मृतक के परिजनों ने पिता पुत्र सहित पड़ोस में रहने वाले प्यारेलाल के खिलाफ भी मुकदमा लिखाया था। कहा कि मामले की अभी जांच चल रही है। प्यारेलाल के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण ज्ञात होगा।
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औंडेरा गांव में एक पखवारे पूर्व दो भाइयों बलि अहिरवार व रामपाल अहिरवार के बीच विवाद में मारपीट हुई थी। घायल रामपाल की ग्वालियर में उपचार के बाद मौत हो गयी थी। उक्त मामले में मृतक के परिजनों ने बलि के साथ ही परिवारी प्यारेलाल अहिरवार को भी आरोपी बनाया था। अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही 14 जून को प्यारेलाल घर से लापता हो गया था।
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रविवार सुबह गांव के बाहर नीम के ऊंचे पेड़ से उसका शव लोहे के तार व रस्सी के सहारे फांसी पर झूलता मिला। शव सूख कर कंकाल में बदल चुका है, जिसमें कीड़ों ने सुराख बना लिए हैं। मृतक की पुत्री मनीषा का आरोप है कि रंजिश के चलते उसके पिता को झूठे मुकदमे में फंसाया गया था। पिता के गुमशुदगी की सूचना कोतवाली में दी लेकिन पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया।
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आरोप लगाया है कि उसके पिता की हत्या की गई है। मृतक के नाम करीब 10 बीघा कृषि भूमि है। जिसपर खेती कर परिवार का भरण पोषण करता था। मौत से पत्नी रामप्यारी, पुत्री मनीषा (17), रेखा (15) व पुत्र संदीप (12) का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाल मनोज शुक्ला ने कहा कि 15 दिन पूर्व दो भाइयों का विवाद हुआ था।
बड़े भाई ने छोटे के सिर पर डंडा मार दिया था। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी थी। मृतक के परिजनों ने पिता पुत्र सहित पड़ोस में रहने वाले प्यारेलाल के खिलाफ भी मुकदमा लिखाया था। कहा कि मामले की अभी जांच चल रही है। प्यारेलाल के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण ज्ञात होगा।