बच्चों की फीस जमा करने को गेहूं बेचा था, जुएं में हार गया, फिर लगाई फांसी
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पिता हरीदास ने बताया कि जयसिंह के दोनों पुत्र चरखारी में मामा के यहां रहकर पढ़ाई कर रहे है। जुलाई में दोनों बच्चों की फीस जमा करने के लिए जयसिंह ने तीन बोरा गेहूं बेचा था। गेहूं बेचने पर उसे 5 हजार की रकम मिली। लेकिन यह उनकी फीस के लिए प्रयाप्त नहीं थी। इन पैसों को और बढ़ाने के लिए उसने ये पैसे जुएं में दाव पर लगा दिया। लेकिन वह सारे पैसे जुएं में हार गया।
आर्थिक तंगी होने की कोई बात सामने नहीं आई है। परिजनों व ग्रामीणों ने जुएं में पैसे हारने की बात बताई है। कुछ दिन पहले भूमि का बंटवारा हुआ था। परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। मृदुल चौधरी, उपजिलाधिकारी चरखारी
-बच्चों की फीस जमा करने के लिए बेचा था तीन बोरा गेहूं
-एसडीएम व तहसीलदार ने मौके पर पहुंच की जांच