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पटाखा चलाने से मना करने पर किसान को बेरहमी से पीटा, इलाज के दौरान मौत परिवार में छाया मातम
Fri, 01 Nov 2019 11:18 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 01 Nov 2019 11:18 AM IST
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यूपी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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इटावा के हरकूपुर गांव में महज पटाखे चलाने से मना करने पर कुछ लोगों ने लाठी डंडों से पिता पुत्र को इस कदर मारा पीटा कि गंभीर रूप से जख्मी किसान पिता ने आगरा के लोटस हॉस्पीटल में गुरुवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में १० लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
हरकूपुर गांव के शिशुपाल सिंह (४५) खेतीबाड़ी करते थे। उनके दोनों पुत्र दिल्ली में कोचिंग के जरिए नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। शिशुपाल के भाई रवींद्र सिंह पुत्र परमाई सिंह ने गत बुधवार को जसवंतनगर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि गत २८ अक्तूबर की शाम करीब पौने पांच बजे गांव के ही ऋषभ पुत्र प्रकाश, कन्हैया उर्फ अजय पुत्र गिरंद सिंह, अतुल पुत्र गजाधर उसके दरवाजे पर पटाखे चला रहे थे।
उसने कहीं दूर पटाखे चलाने को कहा। इसी बात पर उक्त लोगों ने न सिर्फ गाली गलौज की बल्कि देख लेने की धमकी दी। गांव के लोगों ने त्योहार को देखते हुए दोनों पक्षों को समझा बुझाकर मामला रफा दफा करवा दिया।
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इसके कुछ देर बाद विपक्षी लाठी डंडे लेकर आए और मारपीट शुरू कर दी। जिसका रविंद्र के भाई शिशुपाल ने विरोध किया तो उन लोगों ने शिशुपाल व उसके पुत्र भानुप्रताप पर लाठी डंडों से हमला बोल दिया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सैफई के मिनी पीजीआई ले जाया गया।
जहां से परिजन शिशुपाल को आगरा के लोटस हॉस्पीटल ले गए। गुरुवार सुबह शिशुपाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह खबर जब गांव पहुंची तो परिवार में शोक छा गया। जबकि पुत्र का कस्बा के इलाज प्राइवेट क्लीनिक से चल रहा है।
पुलिस ने अजय उर्फ कन्हैया पुत्र गिरंद सिंह, अतुल व अवनीश पुत्र गजाधर, अर्पित व आदित्य पुत्रगण श्याम सिंह, विपिन पुत्र मानपाल, गजाधर व गरिंद पुत्र भूप सिंह, विनोद पुत्र भीमसेन, ऋषभ पुत्र प्रकाश सभी निवासी हरकूपुरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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हरकूपुर गांव के शिशुपाल सिंह (४५) खेतीबाड़ी करते थे। उनके दोनों पुत्र दिल्ली में कोचिंग के जरिए नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। शिशुपाल के भाई रवींद्र सिंह पुत्र परमाई सिंह ने गत बुधवार को जसवंतनगर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि गत २८ अक्तूबर की शाम करीब पौने पांच बजे गांव के ही ऋषभ पुत्र प्रकाश, कन्हैया उर्फ अजय पुत्र गिरंद सिंह, अतुल पुत्र गजाधर उसके दरवाजे पर पटाखे चला रहे थे।
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उसने कहीं दूर पटाखे चलाने को कहा। इसी बात पर उक्त लोगों ने न सिर्फ गाली गलौज की बल्कि देख लेने की धमकी दी। गांव के लोगों ने त्योहार को देखते हुए दोनों पक्षों को समझा बुझाकर मामला रफा दफा करवा दिया।
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इसके कुछ देर बाद विपक्षी लाठी डंडे लेकर आए और मारपीट शुरू कर दी। जिसका रविंद्र के भाई शिशुपाल ने विरोध किया तो उन लोगों ने शिशुपाल व उसके पुत्र भानुप्रताप पर लाठी डंडों से हमला बोल दिया। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सैफई के मिनी पीजीआई ले जाया गया।
जहां से परिजन शिशुपाल को आगरा के लोटस हॉस्पीटल ले गए। गुरुवार सुबह शिशुपाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह खबर जब गांव पहुंची तो परिवार में शोक छा गया। जबकि पुत्र का कस्बा के इलाज प्राइवेट क्लीनिक से चल रहा है।
पुलिस ने अजय उर्फ कन्हैया पुत्र गिरंद सिंह, अतुल व अवनीश पुत्र गजाधर, अर्पित व आदित्य पुत्रगण श्याम सिंह, विपिन पुत्र मानपाल, गजाधर व गरिंद पुत्र भूप सिंह, विनोद पुत्र भीमसेन, ऋषभ पुत्र प्रकाश सभी निवासी हरकूपुरा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।