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फसल चौपट होने का सदमा नहीं सह सका किसान, कर ली आत्महत्या
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
Updated Fri, 07 Dec 2018 09:02 PM IST
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यूपी के बांदा जिले में आवारा पशुओं द्वारा फसल चर जाने से क्षुब्ध किसान ने खेत में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों के मुताबिक ग्रामीणों से कर्ज लेकर जमीन बलकट पर ली थी। एसडीएम ने राजस्व कर्मियों को मौके का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट देने को कहा है।
घटना सदर तहसील और कोतवाली नगर अंतर्गत कनवारा गांव की है। कोतवाली देहात क्षेत्र के चकचटगन गांव के बदलू निषाद (55) कनवारा गांव में लगभग 12 बीघा खेत बलकट में लिए थे। इस वर्ष खेत में लाही, सरसों, चना और गेहूं बोया था। खेत में हरियाली आ चुकी थी। इसी बीच अन्ना पशुओं ने फसल चर डाली। कई दिनों के बाद गुरुवार को बदलू खेत में पहुंचे। फसल सफाचट देखकर गहरा सदमा लगा। उन्होंने क्षुब्ध होकर खेत में खड़े पेड़ पर साफी बांधी और गले में फंदा कसकर फांसी पर झूल गए। शुक्रवार को तड़के आसपास के खेतों में मौजूद किसानों ने शव टंगा देखा तो परिजनों को सूचना दी।
कोतवाली पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। मृतक के पुत्र विद्यासागर व भतीजे गोरेलाल ने बताया कि लगभग 4000 रुपये प्रति बीघा की दर से खेत बलकट पर लिया था। यह रकम ग्रामीणों से कर्ज लेकर अदा की। अन्ना पशुओं की वजह से कई बीघा की फसल नष्ट हो गई। कर्ज अदायगी की चिंता थी। एसडीएम सदर थमीम अंसरिया (आईएएस) ने बताया कि राजस्व कर्मियों को मृतक किसान के घर जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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घटना सदर तहसील और कोतवाली नगर अंतर्गत कनवारा गांव की है। कोतवाली देहात क्षेत्र के चकचटगन गांव के बदलू निषाद (55) कनवारा गांव में लगभग 12 बीघा खेत बलकट में लिए थे। इस वर्ष खेत में लाही, सरसों, चना और गेहूं बोया था। खेत में हरियाली आ चुकी थी। इसी बीच अन्ना पशुओं ने फसल चर डाली। कई दिनों के बाद गुरुवार को बदलू खेत में पहुंचे। फसल सफाचट देखकर गहरा सदमा लगा। उन्होंने क्षुब्ध होकर खेत में खड़े पेड़ पर साफी बांधी और गले में फंदा कसकर फांसी पर झूल गए। शुक्रवार को तड़के आसपास के खेतों में मौजूद किसानों ने शव टंगा देखा तो परिजनों को सूचना दी।
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कोतवाली पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। मृतक के पुत्र विद्यासागर व भतीजे गोरेलाल ने बताया कि लगभग 4000 रुपये प्रति बीघा की दर से खेत बलकट पर लिया था। यह रकम ग्रामीणों से कर्ज लेकर अदा की। अन्ना पशुओं की वजह से कई बीघा की फसल नष्ट हो गई। कर्ज अदायगी की चिंता थी। एसडीएम सदर थमीम अंसरिया (आईएएस) ने बताया कि राजस्व कर्मियों को मृतक किसान के घर जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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