फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Fake website case in RTO office kanpur

कानपुर: आरटीओ की फर्जी वेबसाइट बना आवेदकों से ठगी, ऐसे हुआ खुलासा

Sun, 20 Jan 2019 11:02 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Sun, 20 Jan 2019 11:02 AM IST
विज्ञापन
Fake website case in RTO office kanpur
डेमो पिक
कानपुर में परिवहन विभाग (आरटीओ) की फर्जी वेबसाइट बनाकर ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों से अपने खाते में फीस जमा करा ठगी की जा रही है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर से शिकायत के बाद जांच में यह खुलासा हुआ है।
विज्ञापन


ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने एआरटीओ प्रशासन आदित्य त्रिपाठी को पत्र भेजकर लोगों को जागरूक करने को कहा है। शहर के भी एक दर्जन से ज्यादा लोग इस ठगी के शिकार हुए हैं। आरटीओ विभाग के सभी काम के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जाते हैं।
विज्ञापन


एआरटीओ प्रशासन आदित्य त्रिपाठी ने बताया कि ट्रांसपोर्ट कमिश्नर से शिकायत की गई कि किसी ने परिवहन विभाग की फर्जी वेबसाइट www.rtoonline.com बना ली है। इस साइट पर अपने खाते में फीस जमा कराकर लोगों के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। कुछ दिन पहले फंड आफिस में तैनात एक महिला दफ्तर आईं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने साइट पर आवेदन की बात कहते हुए डीएल बनाने को कहा था। साइट पर जांच कर उन्हें बता दिया था कि उन्होंने आवेदन ही नहीं किया है। शनिवार को भी दो युवकों ने ऐसी ही शिकायतें दर्ज कराईं। जानकारी पर खुलासा हुआ कि इन लोगों ने भी फर्जी वेबसाइट पर आवेदन कर ऑनलाइन फीस जमा कर दी थी।  

Fake website case in RTO office kanpur
डेमो पिक
आवेदक ध्यान दें 
ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य परिवहन संबंधी आवेदन करने वाले परिवहन विभाग की वास्तविक वेबसाइट parivahan.gov.in/parivahan/ पर ही ऑनलाइन आवेदन करें। यह साइट परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय संचालित करता है। इस साइट पर आवेदन करने के बाद आवेदक संबंधित काम की फीस ऑनलाइन भरता है। लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की फीस 350 रुपये, परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस दो पहिया वाहनों की फीस सात सौ रुपये, परमानेंट ड्राइविंग दो पहिया और चार पहिया की फीस एक हजार रुपये, लाइसेंस नवीनीकरण की फीस 450 रुपये है। 

करा सकते रिपोर्ट दर्ज 
मामले का खुलासा होने के बाद भी आरटीओ विभाग ने इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। एआरटीओ प्रशासन आदित्य त्रिपाठी का कहना है कि यह ठगी शहर से ही नहीं, पूरे प्रदेश के आवेदकों से की गई है। इसलिए कोई भी कार्रवाई होगी तो ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के स्तर से ही होगी। आवेदक अपने साथ हुई ठगी की रिपोर्ट व्यक्तिगत रूप से दर्ज करा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed