{"_id":"5ee2067e8ebc3e42df17f3bd","slug":"fake-teacher-anamika-shukla-case-mastermind-and-supriya-used-to-stay-away-from-social-media","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अनामिका प्रकरण: सोशल मीडिया से दूर रहते थे मास्टरमाइंड व सुप्रिया, फर्जी नाम के सहारे पुलिस को चकमा दे रहा है शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनामिका प्रकरण: सोशल मीडिया से दूर रहते थे मास्टरमाइंड व सुप्रिया, फर्जी नाम के सहारे पुलिस को चकमा दे रहा है शिक्षक
Thu, 11 Jun 2020 03:56 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Published by: शिखा पांडेय
Updated Thu, 11 Jun 2020 03:56 PM IST
विज्ञापन
फर्जी शिक्षिका अनामिका शुक्ला प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद के कासगंज में अनामिका नाम से सुप्रिया को नौकरी दिलाने वाला मास्टरमाइंड शिक्षक व सुप्रिया सोशल मीडिया से दूर रहते थे। दोनों का न तो फेसबुक एकाउंट है और न ही व्हाट्सएप मोबाइल नंबर। इसलिए आरोपी शिक्षक तक न तो पुलिस पहुंच पा रही है और न ही शिक्षा विभाग।
अनामिका नाम से कायमगंज के गांव रजपालपुर निवासी सुप्रिया को कासगंज के बा विद्यालय में नौकरी दिलाने वाला गायब हो गया है। इसका सुराग न तो पुलिस को मिल रहा है और न ही शिक्षा विभाग को। सूत्रों के मुताबिक मास्टरमाइंड शिक्षक कायमगंज में ही तैनात है, लेकिन उसकी कोई फोटो आदि न होने से पहचान नहीं हो पा रही है।
वह सोशल मीडिया से दूर रहता था और सुप्रिया को भी यही हिदायत दे रखी थी। दोनों में किसी की भी फेसबुक आईडी नहीं है। पता चला है कि सुप्रिया के भाई-बहन भी पढ़े-लिखे हैं और एंड्रॉयड फोन का भी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन फेसबुक एकाउंट किसी का नहीं है।
विज्ञापन
इसके पीछे भी मास्टरमाइंड की ही सलाह मानी जा रही है। पिता महिपाल सिंह ने भी घर में किसी के फेसबुक न चलाने की बात कही है। अगर मास्टरमाइंड का फोटो मिल जाए तो कायमगंज बीआरसी से उसकी आसानी से शिनाख्त हो सकती है।
विज्ञापन
अनामिका नाम से कायमगंज के गांव रजपालपुर निवासी सुप्रिया को कासगंज के बा विद्यालय में नौकरी दिलाने वाला गायब हो गया है। इसका सुराग न तो पुलिस को मिल रहा है और न ही शिक्षा विभाग को। सूत्रों के मुताबिक मास्टरमाइंड शिक्षक कायमगंज में ही तैनात है, लेकिन उसकी कोई फोटो आदि न होने से पहचान नहीं हो पा रही है।
विज्ञापन
वह सोशल मीडिया से दूर रहता था और सुप्रिया को भी यही हिदायत दे रखी थी। दोनों में किसी की भी फेसबुक आईडी नहीं है। पता चला है कि सुप्रिया के भाई-बहन भी पढ़े-लिखे हैं और एंड्रॉयड फोन का भी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन फेसबुक एकाउंट किसी का नहीं है।
विज्ञापन
इसके पीछे भी मास्टरमाइंड की ही सलाह मानी जा रही है। पिता महिपाल सिंह ने भी घर में किसी के फेसबुक न चलाने की बात कही है। अगर मास्टरमाइंड का फोटो मिल जाए तो कायमगंज बीआरसी से उसकी आसानी से शिनाख्त हो सकती है।
सुप्रिया के पिता का कहना है कि वह पहले कंपिल में तैनात था, हो सकता है अब आसपास के किसी स्कूल में ट्रांसफर हो गया हो। वह खुद को जनपद मैनपुरी थाना भोगांव के गांव नगला खार का निवासी बताता था। बीईओ शिवशंकर मौर्य ने बताया अभी तक उनसे कासगंज पुलिस ने संपर्क नहीं किया है। यदि पुलिस शिक्षक का फोटो दिखा देती है तो उसका सारा रिकार्ड मिल जाएगा।
शिक्षक के गोंडा के कॉलेजों से जुड़े हैं तार
मास्टरमाइंड शिक्षक के तार गोंडा के कॉलेजों से भी जुड़े हैं। वह घर बैठे गोंडा से डिग्रियां दिलाने में भी माहिर बताया जा रहा है। बताया गया कि वह सुप्रिया को नौकरी दिलाने के बाद गोंडा के एक कॉलेज से बीएड भी करा रहा था। प्रदेश भर में अनामिका नाम से नौकरी करने वाली फर्जी शिक्षिकाओं का भंडा फोड़ हुआ तो गोंडा में असली अनामिका वहां बीएसए के सामने पेश हो गई।
असली अनामिका आज तक बेरोजगार है। अनामिका ने गोंडा के कॉलेजों से सभी डिग्रियां हासिल की हैं। सुप्रिया केपिता ने भी बताया कि बेटी गोंडा से बीएड कर रही है। इसमें भी मास्टर माइंड शिक्षक का ही नाम आ रहा है।
माना जा रहा है कि शिक्षक सुप्रिया के बीएड कर लेने के बाद उसे असली नाम से ही नौकरी दिलाने के जुगाड़ में था। लेकिन सुप्रिया की गिरफ्तारी से सारे मंसूबों पर पानी फिर गया। इससे यह स्पष्ट है कि मास्टर माइंड शिक्षक की गोंडा के कॉलेज में भी अच्छी पकड़ है।
शिक्षक के गोंडा के कॉलेजों से जुड़े हैं तार
मास्टरमाइंड शिक्षक के तार गोंडा के कॉलेजों से भी जुड़े हैं। वह घर बैठे गोंडा से डिग्रियां दिलाने में भी माहिर बताया जा रहा है। बताया गया कि वह सुप्रिया को नौकरी दिलाने के बाद गोंडा के एक कॉलेज से बीएड भी करा रहा था। प्रदेश भर में अनामिका नाम से नौकरी करने वाली फर्जी शिक्षिकाओं का भंडा फोड़ हुआ तो गोंडा में असली अनामिका वहां बीएसए के सामने पेश हो गई।
असली अनामिका आज तक बेरोजगार है। अनामिका ने गोंडा के कॉलेजों से सभी डिग्रियां हासिल की हैं। सुप्रिया केपिता ने भी बताया कि बेटी गोंडा से बीएड कर रही है। इसमें भी मास्टर माइंड शिक्षक का ही नाम आ रहा है।
माना जा रहा है कि शिक्षक सुप्रिया के बीएड कर लेने के बाद उसे असली नाम से ही नौकरी दिलाने के जुगाड़ में था। लेकिन सुप्रिया की गिरफ्तारी से सारे मंसूबों पर पानी फिर गया। इससे यह स्पष्ट है कि मास्टर माइंड शिक्षक की गोंडा के कॉलेज में भी अच्छी पकड़ है।