फर्जी पीएमओ अधिकारी: पुलिस ने बढ़ाई धोखाधड़ी की धारा, पीआरओ और चालक भी आरोपी, 19 को होगी जमानत पर सुनवाई
Kanpur News: कोर्ट से जमानत पर सुनवाई की अगली तारीख 19 सितंबर मिली है। ठग के अधिवक्ता मोहित श्रीवास्तव के अनुसार उनके पास अपने क्लाइंट को जमानत दिलवाने के लिए मजबूत आधार है, जो वह कोर्ट में पेश करेंगे।
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कानपुर में पीएमओ का फर्जी प्रतिनिधि बनकर ठगी करने वाले अभिषेक प्रताप सिंह उर्फ संतोष सिंह के खिलाफ दर्ज मुकदमे में बिठूर पुलिस ने विवेचना के बाद धोखाधड़ी की धारा भी बढ़ा दी है। वहीं, पुलिस ने अब तक विवेचना में शातिर ठग के चालक धर्मेंद्र व उसके फरार फर्जी पीआरओ प्रदीप सिंह की भी भूमिका पता करने के बाद उनके नाम भी शामिल कर लिए हैं।
19 को होगी जमानत अर्जी पर सुनवाई
पुलिस ने जल्द दर्ज मुकदमे में चार्चशीट दाखिल कर सकती है।कोर्ट से जमानत पर सुनवाई की अगली तारीख 19 सितंबर मिली है। ठग के अधिवक्ता मोहित श्रीवास्तव के अनुसार उनके पास अपने क्लाइंट को जमानत दिलवाने के लिए मजबूत आधार है, जो वह कोर्ट में पेश करेंगे।
बता दें कि कानपुर में शातिर ठग अभिषेक प्रताप सिंह उर्फ संतोष सिंह की एक साल की कॉल डिटेल से पता चला है कि वह यूपी के 119 आईपीएस और पीपीएस अधिकारियों के संपर्क में था। इनसे उसकी अक्सर बातचीत होती थी। पुलिस अब उसे संरक्षण देने वाले मुख्य अधिकारी के सत्यापन में जुटी है।
10 मिनट तक होती थी बात
इसके बाद रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इतना ही नहीं कुछ अधिकारी उसमें ऐसे भी छांटे गए हैं, जिनसे दस मिनट से ज्यादा देर तक बात होती थी। अभिषेक प्रताप सिंह के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट और उसके संबंधों को लेकर की जाने वाली जांच एसीपी कल्याणपुर विकास पांडेय के नेतृत्व में कराई जा रही है।
119 अधिकारियों से बातचीत के प्रमाण मिले
अभिषेक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी एक साल की सीडीआर निकलवाई थी। अधिकारी के मुताबिक छह माह की रिपोर्ट को अच्छे से सत्यापित किया जा चुका है। इसमें 119 अधिकारियों से उसकी बातचीत के प्रमाण मिले हैं। 30 अधिकारी ऐसे हैं, जिनसे एक दो बार ही बात की गई है, वह भी 15-20 सेकेंड की।