पासपोर्ट फर्जीवाड़ा: गिरोह के सरगना सहित 12 नाम उजागर, अफसर से भी जल्द होगी पूछताछ, शुरू होंगी गिरफ्तारियां
फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों पर वैध पासपोर्ट बनवाने के मामले में पुलिस पहले ही एक आरोपी को जेल भेज चुकी है। वहीं, अब गिरोह के सरगना समेत 12 लोगों के नाम भी उजागर हो गए हैं।
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कानपुर में फर्जी दस्तावेजों के सहारे वैध पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह के सरगना समेत 12 लोगों के नाम उजागर हो गए हैं। गिरोह का सरगना वाराणसी का विपिन है। इसके अधिकतर सदस्य शहर के हैं। एक शख्स टूर एंड ट्रैवल्स एजेंसी संचालित करता है। एसीपी कर्नलगंज ने इनसे पूछताछ के लिए टीमें गठित कर दी हैं। जल्द इन सभी पर शिकंजा कसेगा। पासपोर्ट अफसर से भी पूछताछ होगी।
कर्नलगंज पुलिस ने 24 जनवरी को वसीम अली को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने खुलासा किया था कि वसीम फर्जी मार्कशीट और आधार कार्ड आदि तैयार कर उसके जरिये असली पासपोर्ट बनवाकर लोगों को देता था। इसके एवज में मोटी रकम वसूलता था। पुलिस ने तहकीकात शुरू की तो पता चला कि एक पासपोर्ट अफसर भी इसमें शामिल है। पुलिस उसे जल्द ही नोटिस जारी कर पूछताछ करेगी। इसके अलावा 12 लोगों के नाम सामने आए। वसीम अली इन सभी के संपर्क में था। सभी मिलकर फर्जीवाड़ा कर रहे थे। मास्टरमाइंड वाराणसी का विपिन है।
गिरोह में ये हैं शामिल
गिरोह के सदस्यों में टूर एंड ट्रैवल्स एजेंसी संचालक परवेज, फतेहपुर का उवैद, गाजीपुर का सलीम, हाकिम, चमनगंज का इकबाल, बेकनगंज का मुस्तकीम, बाबूपुरवा का शोएब, बांसमंडी का राशिद, मॉल रोड का शाकिब और कल्याणपुर का मोहित शामिल है। पुलिस इन सभी को आरोपी बनाने की तैयारी में है। इसके पहले पुलिस सभी की भूमिका की जांच कर रही है।
कार्रवाई में आखिर देरी क्यों
फर्जीवाड़े का खुलासा जनवरी में हुआ था। इसके ढाई माह बाद पुलिस की जांच केवल गिरोह के सदस्यों के नाम पता करने तक ही सीमित रही है। जबकि, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर ने काफी समय पहले विवेचक और एसीपी को तलब कर मामले की जानकारी लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। हालांकि, एसपी का कहना है कि पूछताछ के लिए टीमें गठित की गई हैं। सभी संदिग्धों से पूछताछ के बाद कार्रवाई की जाएगी।