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नकली नोट का मामला: ऑनलाइन खरीदते थे कागज, तीन इंजीनियरिंग छात्र शामिल, एजेंसी सक्रिय

Tue, 04 Oct 2022 12:37 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 04 Oct 2022 12:37 PM IST
सार

नकली नोट राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी मामला है। अधिकतर मामलो में विदेशी कनेक्शन होता है। इसलिए एनआईए जांच करती है। इसमें अभी खुफिया एजेंसी सक्रिय हुई हैं। वह पूरी जानकारी जुटा रही हैं।

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Fake note case: Used to buy paper online, three engineering students involved
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नकली नोट छाने के मामले में पुलिस की जांच में कई अहम तथ्य उजागर हुए हैं। नोट छापने वाला गिरोह एक शॉपिंग वेबसाइट से ऑनलाइन ऑर्डर कर कागज मंगवाते थे। गिरोह में तीन इंजीनियरिंग छात्र भी शामिल है। एक छात्र शहर के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई कर रहा है।

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पुलिस सभी के बारे में जानकारी जुटा रही है। उधर खुफिया एजेंसी भी सक्रिय हो गई हैं। एजेंसी की रिपोर्ट पर तय होगा कि जांच पुलिस करेगी या फिर किसी राष्ट्रीय एजेंसी से जांच कराई जाए। आउटर पुलिस ने तीन दिन पहले नकली नोट छापने के गिरोह का भंडाफोड़ कर बर्रा निवासी विभू को गिरफ्तार किया था।
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साथ में एक नाबालिग भी पकड़ा गया था। शुरुआती जांच में सामने आया था कि किशोर ऑनलाइन गेमिंग में रकम हारने के बाद अपने परिचितों से मिला। जिसके बाद सभी ने मिलकर नोट छापने शुरू कर दिए। दो महीने में लाखों रुपये छापे। नोट सिर्फ 100-100 के ही छापते थे। जिससे जल्द पकड़े न जाए।

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पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि गिरोह में करीब दस लाख लोग शामिल हैं। कागज ऑनलाइन ऑर्डर कर मंगवाते थे। बर्रा निवासी एक प्रिंटिंग वाला डाई उपलब्ध करवाता था। इसलिए पुलिस ने उसको भी आरोपी बनाया है। मामले में दो और नाम सामने आए हैं। जिसमें आदित्य व अंशु शामिल है। आदित्य शहर के एक निजी कॉलेज में इजीनियरिंग का छात्र है। ये सभी फरार हैं। तलाश जारी है। 

कनेक्शन निकला तो बड़े पैमाने पर होगी जांच
नकली नोट राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी मामला है। अधिकतर मामलो में विदेशी कनेक्शन होता है। इसलिए एनआईए जांच करती है। इसमें अभी खुफिया एजेंसी सक्रिय हुई हैं। वह पूरी जानकारी जुटा रही हैं। हालांकि गिरोह सामान्य प्रिंटर व सामान्य कागज पर ही नोट छापता था। उसमें सिक्योरिटी फीचर भी नहीं था। इसलिए आशंका है कि चंद रुपयों के खातिर आरोपियों ने ऐसा किया है। फिर भी हर स्तर पर जांच जारी है। अगर कोई बड़ा कनेक्शन सामने आता है तो जांच भी उच्चस्तरीय होगी।

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