कानपुरः पुलिस भर्ती परीक्षा में सेंध, रिटायर्ड बीएसएफ जवान के बेटे समेत दो गिरफ्तार
- कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर
- थंब इंप्रेशन व हस्ताक्षर मिलान में हुआ खुलासा
- पकड़े गए आरोपियों में एक अभ्यर्थी व दूसरा है सॉल्वर
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पुलिस भर्ती परीक्षा में सत्यापन की प्रक्रिया में मंगलवार को सेंध लगाने वाले बीएसएफ जवान के बेटे समेत दो को अधिकारियों ने पकड़ लिया। बीएसएफ के जवान का बेटा अभ्यर्थी है जबकि दूसरा आरोपी सॉल्वर। दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
थंब इंप्रेशन व हस्ताक्षर मिलान में दोनों के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। वहीं एक अभ्यर्थी व एक सॉल्वर मौके से फरार हो गए। पुलिस उनको पकड़ने के प्रयास में जुट गई है।
भर्ती बोर्ड में शामिल इंस्पेक्टर मोहम्मद नफीस सिद्दीकी ने बताया कि भर्ती परीक्षा में पास हुए अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन व नापजोख की प्रक्रिया जारी है। मंगलवार को संग्धिता होने पर अलीगढ़ के गोंडा निवासी रिटायर्ड बीएसएफ जवान जवाहर सिंह के बेटे अभ्यर्थी पंकज चौधरी को पकड़ा गया। बायोमैट्रिक में उसका थंब इम्प्रेशन नहीं मिलें, वहीं हस्ताक्षर दूसरे मिले।
उसकी निशान देही पर बिहार शेखपुरा के थाना करेंडे निवासी सॉल्वर विनोद कुमार को दबोचा गया।
एसपी ट्रैफिक सुशील कुमार ने बताया कि पंकज की जगह परीक्षा देने वाला सॉल्वर फिरोजाबाद निवासी सोनू व सॉल्वर विनोद कुमार का अभ्यर्थी अलीगढ़ निवासी शिवकुमार को पुलिस पकड़ नहीं सकी। वह दोनों तुरंत मौके से फरार हो गए। कोतवाली इंस्पेक्टर कौशल किशोर दीक्षित ने बताया कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहीं फरार आरोपियों की तलाश जारी है। सर्विलांस की मदद से उनको ट्रेस किया जा रहा है।
दो लाख में हुआ सौदा
इंस्पेक्टर ने बताया कि सॉल्वरों ने अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में पास करवाने केलिए एक से दो लाख रुपये वसूले। वहीं कईयों से 50 हजार रुपये भी वसूले। आशंका है कि सॉल्वरों का एक बड़ा गिरोह है। जो पूरे प्रदेश में इस तरह से परीक्षा पास करवाने का ठेका लिया। पुलिस अब इन आरोपियों के जरिए सॉल्वरों के जाल को तोड़ने के प्रयास में लग गई है।
तब क्यों नहीं आए पकड़ में
सॉल्वर अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा दे चुके हैं। अभ्यर्थी पास भी हो चुके हैं। सत्यापन के दौरान फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। सवाल है कि जब अभ्यर्थी की जगह सॉल्वर परीक्षा देने गया था तो वहां उसे कैसे परीक्षा केंद्र पर इंट्री मिली। साफ है कि बड़े स्तर पर परीक्षा में सेंध लगाई गई है।