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इसने पार की जालसाजी का सारी हदें, आर्मी कंमाडो बता सबकी भावनाओं से खेला ये 'नटवरलाल'
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
Updated Wed, 29 Nov 2017 07:56 PM IST
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विवेक कुमार राय से पूछताछ करते एसपी
- फोटो : अमर उजाला
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खुद को आर्मी अफसर बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी और युवतियों से दुष्कर्म करने वाले एक जालसाज को आर्मी इंटेलिजेंस ने मंगलवार को धर दबोचा। उसके पास से आर्मी की वर्दी, नकली मोहर, प्रमाण पत्र, फर्जी दस्तावेज और आर्मी का फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ है। जालसाज से आर्मी इंटेलिजेंस टीम के साथ ही एटीएस, एलआईयू और पुलिस ने पूछताछ की है। एसपी पूर्वी ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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उसने खुद को आर्मी की नाइन पैरा बटालियन का कमांडो बता रखा था
जालसाज से पकड़े गए कागजात
- फोटो : अमर उजाला
बिहार की चम्पागढ़ बस्ती निवासी विवेक कुमार राय पिछले तीन महीने से कानपुर के नयागंज स्थित गैंजेस होटल के 304 नंबर कमरे में रह रहा था। उसने खुद को आर्मी की नाइन पैरा बटालियन का कमांडो बता रखा था। वह अक्सर वर्दी पहनकर घूमता था। इससे लोगों को भरोसा हो गया था कि वह आर्मी अफसर है। इसी का फायदा उठाकर उसने कई युवकों को नौकरी पर लगवाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर ली।
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जालसाज ने दोनों युवतियों से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया
कमांडो की वर्दी में जालसाज
- फोटो : अमर उजाला
इसमें कानपुर के अलावा लखनऊ, दिल्ली और आसपास जिले के युवक भी शामिल हैं। वह उनसे ऑनलाइन पैसा मंगवाता था। एक मैट्रीमोनियल वेबसाइट पर डाले गए प्रोफाइल में भी उसने खुद को आर्मी अफसर बताया। इससे उसके संपर्क में बिहार और रुड़की की दो लड़कियां आ र्गइं। जालसाज ने दोनों युवतियों से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया और फिर आर्मी अफसर की धौंस दिखाकर भगा दिया। इसके बाद से वह उन युवतियों को ब्लैक मेल कर रहा था।
कार चालक की शिकायत पर पकड़ा गया
डेमो पिक
जालसाज विवेक की पोल कार चालक गोविंदनगर निवासी रॉबिन सिंह ने खोल दी। विवेक ने करीब तीन महीने पहले लखनऊ जाने के लिए कार को बुक किया था। रोबिन सिंह कार लेकर पहुंचा था। विवेक ने खुद को आर्मी अफसर बताकर उसे भी अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद विवेक को कहीं जाना होता था, तो वह रॉबिन को फोन करके बुला लेता था। वह खर्चे के लिए रोबिन को पैसे भी देता था। इसके बाद उसने आईटीआई सर्टिफिकेट बनवाने के लिए रोबिन से 46 हजार रुपये झटक लिए। इस दौरान विवेक ने रॉबिन के दबौली निवासी दोस्त अमर से भी नौकरी लगवाने का झांसा देकर 50 हजार रुपये लिए। इधर, रॉबिन को जब सर्टिफिकेट नहीं मिला तो उसे विवेक पर शक हो गया। उसने आर्मी हेड क्वार्टर में जाकर जानकारी की तो पता चला कि विवेक आर्मी में नहीं है। रॉबिन की शिकायत पर आर्मी इंटेलिजेंस ने मंगलवार को विवेक को दबोचकर उसे पुलिस के सुपुर्द दिया।
होटल में दस दिन तक युवती को रखकर रेप किया
डेमो पिक
रॉबिन के मुताबिक विवेक ने उसकी जानकारी में दो युवती से दुष्कर्म किया है। इसमें एक बिहार निवासी है जबकि दूसरी रुड़की की है। बिहार निवासी युवती को उसने जन्मदिन की पार्टी देने के लिए कानपुर बुलाया था। विवेक ने युवती को शहर के एक होटल में ही अपने कमरे में रखा था। दस दिन बाद किसी तरह युवती उसके चंगुल से छूट पाई थी। वहीं, रुड़की निवासी युवती लखनऊ में मेडिकल परीक्षा की तैयारी करने आई थी। इस दौरान विवेक से उसकी मुलाकात हुई थी। विवेक ने आर्मी अफसर बताकर उससे शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया और फिर छोड़ दिया।
सोशल मीडिया से भी लोगों को फंसाता था
डेमो पिक
विवेक ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर सहित अन्य सोशल मीडिया में सक्रिय रहता था। विवेक ने अपने प्रोफाइल में आर्मी कमांडो लिखा था। इससे कई लोग उसके जाल में फंस गए। उसने आर्मी की ड्रेस में फोटो भी पोस्ट कर रखी है।
मेस्टन रोड से सिलवाई थी वर्दी
डेमो पिक
विवेक ने पूछताछ में बताया कि मेस्टन रोड के एक टेलर से वर्दी सिलवाई थी। टेलर ने बाहर वर्दी सिलवाने के बारे में सवाल किया था। इस पर उसने टेलर को यह झांसा दे दिया था कि वहां वर्दी सिलवाने के लिए फार्म भरने सहित कागजी कार्रवाई करनी पड़ती है। इसलिए वह बाहर से वर्दी सिलवा रहा है।
घरवालों को भी धोखे में रखे थे
डेमो पिक
विवेक ने घरवालों को भी धोखे में रखा था। वह करीब एक साल पहले घरवालों से यह कहकर निकला था कि उसकी आर्मी में भर्ती हो गई है। उसके गांव के कई युवक आर्मी में हैं। विवेक ने उनसे ही आर्मी की रैंक और तौर-तरीके को सीख लिया था। साथ ही उसने उन्हीं का पहचान पत्र देखकर उसको बनवाया था।