फर्जी आधार कार्ड प्रकरण: भागने की तैयारी में तो नहीं था डॉ. रिजवान, विधायक के करीबियों पर कसा जा रहा शिकंजा
कानपुर में खुफिया को अलर्ट किया है। ये जानकारी की जा रही है कि कहीं फर्जी आधार कार्ड बनवाकर परिवार समेत रहने का मामला स्लीपर सेल्स से जुड़ा तो नहीं है। साथ ही शहर की घनी आबादी वाले इलाकों में कितने और परिवार ऐसे हैं, जो इस तरह के आधार कार्ड पर फर्जी नागरिकता पर रह रहे हैं।
विस्तार
फर्जी आधार कार्ड बनवाकर परिवार समेत रह रहा डॉ. रिजवान मोहम्मद यहां से भागने की तैयारी में था। उसके यहां से मिली नकदी और जेवरात को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक विधायक इरफान के करीबियों पर शिकंजा कसता देख डॉ. रिजवान फरार होने की फिराक में था। हालांकि पुलिस ने उसके पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया।
रिजवान के पासपोर्ट पर अमेरिका और पाकिस्तान की वीजा लगा हुआ है लिहाजा जांच एजेंसियां उसका विदेशी नेटवर्क में खंगाल रही हैं। इसके अलावा शहर में तीन जून को हुई हिंसा के मामले में भी डॉ. रिजवान की भूमिका की जांच की जा रही है।
इलेक्ट्रॉनिक उपकरण को खंगाल रही टेक्निकल टीम
डॉ. रिजवान के फोन और लैपटॉप समेत पूरे घर के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी जांच टीम ने कब्जे में ले लिए हैं। रिजवान और उसके पूरे परिवार के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालनी शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो पूछताछ में ये जानकारी की जा रही है कि शादी के बाद परिवार के कौन-कौन से सदस्य कहां-कहां गए थे।
खुफिया को किया गया अलर्ट
शहर में खुफिया को अलर्ट किया है। ये जानकारी की जा रही है कि कहीं ये मामला स्लीपर सेल्स से जुड़ा तो नहीं है। साथ ही शहर की घनी आबादी वाले इलाकों में कितने और परिवार ऐसे हैं, जो इस तरह के आधार कार्ड पर फर्जी नागरिकता पर रह रहे हैं।
पुलिस वेरिफिकेशन होता तो पहले ही पकड़ा जाता
इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की भी लापरवाही सामने आई है। अगर इस मामले में पुलिस सक्रिय होती और लगातार वेरिफिकेशन किया जा रहा होता तो इसकी जानकारी पहले ही लग जाती।