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Kanpur News: शहर से दूसरे साल 10 हजार करोड़ से ज्यादा का हुआ निर्यात
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कानपुर। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ वार और अमेरिका-ईरान युद्ध जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच शहर का निर्यात पिछले साल की तुलना में बढ़ा है। यह लगातार दूसरी बार है कि शहर से 10 हजार करोड़ से ज्यादा का निर्यात किया गया। निर्यात के मामले में शहर पूरे प्रदेश में पिछले साल की तरह तीसरे स्थान पर है। गाैतमबुद्ध नगर प्रथम और गाजियाबाद दूसरे स्थान पर है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में शहर से 10,823 करोड़ का निर्यात हुआ जबकि पिछले साल वित्त वर्ष 2024-25 में शहर से 10,401 करोड़ का निर्यात किया गया था। पिछले साल की तुलना में 422 करोड़ का निर्यात अधिक रहा है। खास बात यह है कि अमेरिका ही सबसे बड़ा निर्यातक देश रहा। इसके बाद सबसे ज्यादा यूनाइटेड किंगडम (यूके) को निर्यात किया गया।
फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (फियो) की ओर से शुक्रवार को जारी निर्यात विश्लेषण रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर 97,703 करोड़ रुपये के निर्यात के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है। दूसरे स्थान पर गाजियाबाद है। कानपुर ने 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यहां से चमड़ा और चमड़ा के बने उत्पाद, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर सेवाओं और रेडीमेड कपड़ों के क्षेत्र में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऑटो कंपोनेंट्स, एफएमसीजी गुड्स और फार्मास्युटिकल्स में मजबूत विनिर्माण गतिविधि के साथ गाजियाबाद दूसरे स्थान पर रहा।
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जूते-कपड़े के निर्यात में शहर ने छुआ शिखर
शहर के कुल निर्यात में 75 प्रतिशत से ज्यादा की हिस्सेदारी चमड़ा और चमड़ा उत्पादों की है। पिछले साल 6,400 करोड़ का निर्यात हुआ था। इसमें चमड़े की खाल, चमड़े के जूते, शू अपर, चमड़े के परिधान, सैडलरी, चमड़े की बेल्ट, शेफ्टी शूज, पीयू सिंथेटिक, सोल और अपर शामिल हैं। पिछले साल 300 करोड़ की बेल्ट का निर्यात हुआ था। इस बार 500 करोड़ का निर्यात हुआ है। चमड़े की खाल का निर्यात 658 करोड़ से बढ़कर 900 करोड़ हो गया। टेक्सटाइल में पिछले साल 296 करोड़ का निर्यात हुआ था। इस वर्ष 305 करोड़ का निर्यात हुआ है। चमड़े और चमड़े के उत्पादों के अलावा रसोईघर के अलग-अलग मसाले, विद्युत मशीनरी और उपकरण, रत्न और आभूषण, फार्मास्युटिकल उत्पाद, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, कपड़ा और परिधान, कृषि उत्पाद का निर्यात हुआ।
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कानपुर के निर्यात आंकड़े
2021-2022: 9,509 करोड़
2022-2023: 8,995 करोड़
2023-2024: 8,991 करोड़
2024-2025: 10,401 करोड़
2025-2026: 10,823 करोड़
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प्रदेश का निर्यात 2.01 लाख करोड़ रुपये पहुंचा
कानपुर। उत्तर प्रदेश ने वित्त वर्ष 2025-26 में निर्यात के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य का कुल निर्यात पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गया है। यह 2,01,241 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष से अधिक है। राज्य का निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 के 1,86,050 करोड़ रुपये से अधिक है। उत्तर प्रदेश अब भारत का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है। देश के कुल निर्यात में इसकी हिस्सेदारी 5.2 फीसदी है।
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पांच प्रमुख निर्यातक देश: अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, नेपाल
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कोट
दो लाख करोड़ रुपये के पार हो गया निर्यात
उत्तर प्रदेश का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये के पार हो गया है। कानपुर से पिछले साल की तुलना में 422 करोड़ अधिक निर्यात हुआ और लगातार दूसरी बार शहर से 10 हजार करोड़ से ज्यादा का निर्यात किया गया। निर्यात में एमएसएमई, हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग वस्तुएं, कालीन, चमड़ा एवं अन्य निर्यात क्षेत्रों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। - आलोक श्रीवास्तव, फियो, उत्तर प्रदेश प्रमुख।
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वित्तीय वर्ष 2025-26 में शहर से 10,823 करोड़ का निर्यात हुआ जबकि पिछले साल वित्त वर्ष 2024-25 में शहर से 10,401 करोड़ का निर्यात किया गया था। पिछले साल की तुलना में 422 करोड़ का निर्यात अधिक रहा है। खास बात यह है कि अमेरिका ही सबसे बड़ा निर्यातक देश रहा। इसके बाद सबसे ज्यादा यूनाइटेड किंगडम (यूके) को निर्यात किया गया।
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फेडरेशन आफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (फियो) की ओर से शुक्रवार को जारी निर्यात विश्लेषण रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्धनगर 97,703 करोड़ रुपये के निर्यात के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है। दूसरे स्थान पर गाजियाबाद है। कानपुर ने 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। यहां से चमड़ा और चमड़ा के बने उत्पाद, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सॉफ्टवेयर सेवाओं और रेडीमेड कपड़ों के क्षेत्र में बढ़ोतरी देखने को मिली है। ऑटो कंपोनेंट्स, एफएमसीजी गुड्स और फार्मास्युटिकल्स में मजबूत विनिर्माण गतिविधि के साथ गाजियाबाद दूसरे स्थान पर रहा।
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जूते-कपड़े के निर्यात में शहर ने छुआ शिखर
शहर के कुल निर्यात में 75 प्रतिशत से ज्यादा की हिस्सेदारी चमड़ा और चमड़ा उत्पादों की है। पिछले साल 6,400 करोड़ का निर्यात हुआ था। इसमें चमड़े की खाल, चमड़े के जूते, शू अपर, चमड़े के परिधान, सैडलरी, चमड़े की बेल्ट, शेफ्टी शूज, पीयू सिंथेटिक, सोल और अपर शामिल हैं। पिछले साल 300 करोड़ की बेल्ट का निर्यात हुआ था। इस बार 500 करोड़ का निर्यात हुआ है। चमड़े की खाल का निर्यात 658 करोड़ से बढ़कर 900 करोड़ हो गया। टेक्सटाइल में पिछले साल 296 करोड़ का निर्यात हुआ था। इस वर्ष 305 करोड़ का निर्यात हुआ है। चमड़े और चमड़े के उत्पादों के अलावा रसोईघर के अलग-अलग मसाले, विद्युत मशीनरी और उपकरण, रत्न और आभूषण, फार्मास्युटिकल उत्पाद, कार्बनिक और अकार्बनिक रसायन, कपड़ा और परिधान, कृषि उत्पाद का निर्यात हुआ।
कानपुर के निर्यात आंकड़े
2021-2022: 9,509 करोड़
2022-2023: 8,995 करोड़
2023-2024: 8,991 करोड़
2024-2025: 10,401 करोड़
2025-2026: 10,823 करोड़
प्रदेश का निर्यात 2.01 लाख करोड़ रुपये पहुंचा
कानपुर। उत्तर प्रदेश ने वित्त वर्ष 2025-26 में निर्यात के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राज्य का कुल निर्यात पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर गया है। यह 2,01,241 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष से अधिक है। राज्य का निर्यात वित्त वर्ष 2024-25 के 1,86,050 करोड़ रुपये से अधिक है। उत्तर प्रदेश अब भारत का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन गया है। देश के कुल निर्यात में इसकी हिस्सेदारी 5.2 फीसदी है।
पांच प्रमुख निर्यातक देश: अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त अरब अमीरात, जर्मनी, नेपाल
कोट
दो लाख करोड़ रुपये के पार हो गया निर्यात
उत्तर प्रदेश का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये के पार हो गया है। कानपुर से पिछले साल की तुलना में 422 करोड़ अधिक निर्यात हुआ और लगातार दूसरी बार शहर से 10 हजार करोड़ से ज्यादा का निर्यात किया गया। निर्यात में एमएसएमई, हस्तशिल्प, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग वस्तुएं, कालीन, चमड़ा एवं अन्य निर्यात क्षेत्रों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। - आलोक श्रीवास्तव, फियो, उत्तर प्रदेश प्रमुख।