Exclusive: एक दशक में उन्नाव समेत सात और रूटों पर दौड़ेगी मेट्रो, यात्रियों को मिलेगी सुविधा
मेट्रो ट्रेन उन्नाव समेत सात और रूटों पर दौड़ेगी। उन्नाव तक के यात्रियों को सुविधा मिलेगी। यूपीएमआरसी ने 2030 में तीन, 2035 तक चार नए रूटों पर मेट्रो दौड़ाने का खाका खींचा।
विस्तार
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार 23 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-एक के अंतिम स्टेशन नौबस्ता को 5.9 किलोमीटर दूर बर्रा-8 में कॉरिडोर-दो से जोड़ा जाएगा। निर्माणाधीन कॉरीडोर-दो 8.6 किलोमीटर लंबा है। दोनों कॉरिडोर को जोड़ने के लिए चिन्हित रूट में हाईटेंशन लाइन को ऊंचा या शिफ्ट कर एलिवेटेड ट्रैक बिछाया जाएगा। जिसकी अनुमानित लागत 1799.63 करोड़ रुपये है। इसमें जमीन अधिग्रहित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह कार्य सन् 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसी अवधि में पनकी से केंद्रीय विद्यालय कैंट तक 9.41 किलोमीटर भूमिगत व 11.2 किलोमीटर एलिवेटेड मेट्रो रूट और नौबस्ता से चकेरी तक 17.6 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक बिछाने सहित ट्रेन चलाने संबंधी अन्य सभी तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सब कुछ तय समय में हुआ तो आगामी पांच साल में 44.11 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो ट्रैक तैयार हो जाएगा और यात्रियों को इन रूटों में मेट्रो की सुविधा भी मिलने लगेगी। इसी तरह सन् 2035 तक चार अन्य एलिवेटेड रूट तैयार करने की योजना है। इनमें आईआईटी से मंधना, सीएसए से ख्यौरा कटरी, नौबस्ता से रमईपुर और केंद्रीय विद्यालय कैंट से उन्नाव तक मेट्रो रेल संचालन शुरू करना शामिल है। ये चारों रूट एलिवेटेड होंगे, जिनकी लंबाई 30.81 किलोमीटर और लागत करीब 11994.14 करोड़ रुपये होगी।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने मेट्रो विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया है। 12 अप्रैल की शाम को मेट्रो के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद मीणा सहित अन्य अधिकारियों की सांसद रमेश अवस्थी के साथ बैठक हुई। गुरुदेव चौराहे के पास स्थित मेट्रो डिपो कार्यालय में हुई बैठक में चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर ने सांसद को मेट्रो के नए रूटों, इनकी लंबाई, निर्माण लागत की जानकारी दी।
2030 तक इन रूटों पर मिलेगी मेट्रो ट्रेन में यात्रा की सुविधा
| रूट | भूमिगत | एलिवेटेड | कुल लंबाई | लागत |
| नौबस्ता - बर्रा-8 | 00 | 5.9 किमी | 5.9 किमी | 1799.63 करोड़ |
| पनकी-केंद्रीय विद्यालय, कैंट | 9.41 किमी | 11.2 किमी | 20.61 किमी | 362.77करोड़ |
| नौबस्ता-चकेरी | 00 | 17.6 किमी | 17.6 किमी | 11122.08 करोड़ |
| रूट | लंबाई | लागत |
| आईआईटी-मंधना | 5.44 किमी | 2117.76 करोड़ रुपये |
| सीएसए - ख्यौरा कटरी | 4.39 किमी | 2250.17 करोड़ रुपये |
| नौबस्ता - रमईपुर | 5.76 किमी | 2250.17 करोड़ रुपये |
| केंद्रीय विद्यालय,कैंट-उन्नाव | 15.0 किमी | 5917.27 करोड़ रुपये |
एक दिन पहले मेट्रो अधिकारियों के साथ बैठक में मेट्रो रेल की भावी परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। अभी मेट्रो का शहर के 32 किलोमीटर के दायरे में निर्माण चल रहा है। आगे की योजना के अनुसार इसका संचालन 75 किलोमीटर क्षेत्र में किए जाने की योजना है। प्रस्ताव रखा गया है कि बैराज से बिठूर और बिठूर से मंधना, आईआईटी से मंधना मिलाने की योजना है। इससे रिंग रोड की तरह मेट्रो का भी रिंग ट्रैक बन जाएगा, जो शहरवासियों के लिए काफी सुविधाजनक रहेगा। - रमेश अवस्थी, सांसद महानगर
नए मेट्रो रूटों के लिए राइट्स संस्था ने शुरुआती सर्वे किया है। यूपीएमआरसी को डीपीआर और धन आवंटन की स्वीकृति मिल जाए तो तय समय में लक्ष्य पूरा किया जा सकता है। इससे शहरवासियों को जाम से निजात के साथ विश्वस्तरीय परिवहन की सुविधा मिल सकेगी।- पंचानन मिश्रा, डिप्टी जीएम (पीआर), यूपीएमआरसी