Exclusive: मुफ्त पोषाहार... फिर भी 9149 नौनिहाल कुपोषण के शिकार, पढ़ें पूरी खबर
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शासन की ओर से मुफ्त पोषाहार मिलने के बावजूद भी कुपोषितों की संख्या कम नहीं हो रही है। जिले में 9149 बच्चे कुपोषित हैं। जनवरी में 50 बच्चे और अतिकुपोषित चिह्नित होने के बाद इनकी संख्या 1503 हो गई है। वहीं, जिम्मेदार अधिकारी कुपोषितों के घर में सही देखरेख न करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।
कुपोषण दूर करने के लिए सरकार ने सितंबर 2018 में राष्ट्रीय पोषण माह अभियान का शुभारंभ किया था। इसी दौरान कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर कुपोषण मुक्त माह शुरू किया गया। जिले के 2134 केंद्रों में छह माह से 3 वर्ष के 104617 बच्चे, 3 से 6 वर्ष तक के 57737 बच्चे और गर्भवती 35981 पंजीकृत हैं। जनवरी में 7646 बच्चे कुपोषित और 1503 अतिकुपोषित चिह्नित किए गए।
इतना पोषाहार प्रतिमाह वितरित होता
जनवरी में 6 माह से 6 वर्ष के 1.62 लाख बच्चों और 35981 गर्भवतियों को 1897 क्विंटल गेहूं की दलिया, 1724 क्विंटल चना की दाल और 323 क्विंटल सोयाबीन का तेल बांटा गया।
लाभार्थी गेहूं की दलिया चावल चना दाल फोर्टिफाइड सायोबीन ऑयल
06 माह से 03 साल 01 किलो 01 किलो 01 किलो .455 किलो
03 साल से 06 साल 500 ग्राम 500 ग्राम 500 ग्राम 000
गंभीर कुपोषित
(06 माह से 06 साल) 1.5 किलो 1.5 किलो 2 किलो .455 किलो