{"_id":"681916c424ae2545fa007c63","slug":"every-year-5-of-asthma-patients-increase-due-to-pollution-kanpur-news-c-12-1-knp1049-1100104-2025-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kanpur News: प्रदूषण की वजह से हर साल बढ़ जाते अस्थमा के पांच फीसदी रोगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kanpur News: प्रदूषण की वजह से हर साल बढ़ जाते अस्थमा के पांच फीसदी रोगी
विज्ञापन
कानपुर। विश्व अस्थमा दिवस मंगलवार को है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण की वजह से हर साल अस्थमा के रोगियों में पांच फीसदी की वृद्धि हो रही है। प्रदूषण के कण सांस की नली में पहुंचने पर शरीर में प्रतिक्रिया होती है। इसे बाहर निकालने के लिए तंत्र सक्रिय हो जाता है। जब बार-बार कण पहुंचते रहते हैं तो सांस की नली में सूजन आ जाती है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. एसके कटियार ने बताया कि इस समय शहर में अस्थमा के 1.25 लाख रोगी हैं।
डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अवधेश ने बताया कि अस्थमा को लेकर लोगों में बहुत सारी भ्रांतियां हैं। पत्रक बांटकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्हें अस्थमा से बचाव के तरीके और इलाज के संबंध में जानकारी दी जाएगी। लोगों में यह भ्रांति है कि अस्थमा का इलाज शुरू होने पर फिर बंद नहीं होता। इसके अलावा इन्हेलर को लेकर भी यही भ्रांति है। इस बार अस्थमा दिवस की थीम मेक इनहेल्ड ट्रीटमेंट्स एक्सीसेबिल टू ऑल रखी गई है। इस मतलब है कि सांस का इलाज हर रोगी को मिले। बच्चों को अगर अस्थमा की दिक्कत है तो समय से इलाज शुरू कराएं, जिससे वह किशोरावस्था तक ठीक हो जाएं।
विज्ञापन
डॉ. मुरारीलाल चेस्ट हॉस्पिटल के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अवधेश ने बताया कि अस्थमा को लेकर लोगों में बहुत सारी भ्रांतियां हैं। पत्रक बांटकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। उन्हें अस्थमा से बचाव के तरीके और इलाज के संबंध में जानकारी दी जाएगी। लोगों में यह भ्रांति है कि अस्थमा का इलाज शुरू होने पर फिर बंद नहीं होता। इसके अलावा इन्हेलर को लेकर भी यही भ्रांति है। इस बार अस्थमा दिवस की थीम मेक इनहेल्ड ट्रीटमेंट्स एक्सीसेबिल टू ऑल रखी गई है। इस मतलब है कि सांस का इलाज हर रोगी को मिले। बच्चों को अगर अस्थमा की दिक्कत है तो समय से इलाज शुरू कराएं, जिससे वह किशोरावस्था तक ठीक हो जाएं।
विज्ञापन