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सेहत: हर पांचवां कनपुरिया डायबिटीज की दहलीज पर, प्री डायबिटिक लोग हैं 10 लाख से अधिक

Tue, 04 Apr 2023 10:30 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Tue, 04 Apr 2023 10:30 AM IST
सार

सीनियर डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. ब्रजमोहन का कहना है कि शहर की आबादी 50 लाख मान ली जाए तो हर पांचवां शहरी प्री डायबिटिक स्टेज में है। इस संबंध में उन्होंने चार महीने पहले पुर्तगाल के लिस्बन में वर्ल्ड डायबिटीज कॉंफ्रेंस में इस संबंध में शोध पत्र प्रस्तुत किया है।

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Every fifth Kanpuria is on the threshold of diabetes
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

डायबिटीज शहरियों के शरीर में घर कर रही है और लोगों को इसका पता नहीं है। शहर में इस समय 10 लाख लोग ऐसे हैं जो प्री डायबिटिक हैं। ये हाई ब्लड शुगर लेवल की बॉर्डर लाइन पर खड़े हैं। सेहत में जरा सी गड़बड़ी से ये डायबिटिक के दायरे में आ जाएंगे। कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक कोरोना के बाद स्थिति और बिगड़ी है।

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एसोसिएशन के संस्थापक सीनियर डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. ब्रजमोहन का कहना है कि शहर की आबादी 50 लाख मान ली जाए तो हर पांचवां शहरी प्री डायबिटिक स्टेज में है। इस संबंध में उन्होंने चार महीने पहले पुर्तगाल के लिस्बन में वर्ल्ड डायबिटीज कॉंफ्रेंस में इस संबंध में शोध पत्र प्रस्तुत किया है। एसोसिएशन के सैंपल सर्वे से पता चला है कि बहुत से रोगी दूसरे मर्ज के इलाज के लिए आते हैं जब उनकी जांच कराई जाती है तो शुगर लेवल बढ़ा हुआ मिलता है। वे ध्यान ही नहीं देते कि प्री डायबिटिक स्टेज में पहुंच गए हैं।

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इसके बाद जब भी खानपान बिगड़ा, मोटापा बढ़ा, लाइफ स्टाइल खराब हुई और तनाव बढ़ा तो वे डायबिटिक हो जाते हैं। अगर प्री डायबिटिक स्टेज में ही खानपान में सुधार कर लिया जाए तो डायबिटिक होने से बचा जा सकता है। इसके अलावा ताजा आंकड़ों के मुताबिक में कोरोना काल के बाद डायबिटीज के 20 फीसदी रोगी बढ़ गए हैं। इनमें ज्यादातर वे लोग हैं जो प्री डायबिटिक थे और कोरोना हो गया। स्टीरॉयड के सेवन और संक्रमण के कारण वे स्थायी रूप से डायबिटीज के रोगी हो गए गए हैं। डायबिटीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ. नंदिनी रस्तोगी का कहना है कि लोग डायबिटीज को लेकर जागरुक नहीं है। जब बहुत दिनों तक ब्लड शुगर लेवल बढ़ा रहता है तो इलाज कराते हैं।

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आंकड़े
शहर में डायबिटीज के रोगी- पांच लाख
प्री डायबिटिक रोगी- 10 लाख
6 महिलाओं में प्रसव बाद डायबिटीज- दो लाख
कोरोना के बाद डायबिटीज- एक लाख

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एडवाइजरी
- ब्लड शुगर की जांच करा लें।
- नियमित व्यायाम करें, पैदल चलें।
- आरामतलबी की लाइफ स्टाइल छोड़ दें।
- प्री डाबिटिक स्टेज होने पर परहेज शुरू कर दें।
- खानपान संयमित रखें।
- नाश्ता पेट भर करें, डिनर को हल्का रखें।
- पूरी नींद लें, सोने के पहले मोबाइल फोन न देखें।

केस-एक: निजी कंपनी में सुपवाइजर प्रमोद कुमार (47) ने बताया कि उन्हें कोरोना हुआ था। निजी अस्पताल फिर हैलट में भर्ती रहे। ब्लड शुगर नहीं थी। इलाज के दौरान ब्लड शुगर बढ़ गई। अब बढ़ी रहती है। डायबिटीज की दवा खा रहे।
केस-दो: फजलगंज के रहने वाले शिक्षक अरविंद का कहना है कि अक्सर उनका ब्लड शुगर लेवल सामान्य से अधिक हो जाता है। परहेज करने पर कम हो जाता है। डॉक्टर ने प्री डायबिटिक स्टेज बताई है। अभी दवा नहीं खा रहे। परहेज कर रहे हैं।
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